अरे द्वार पालों कन्हैया से कह दो...... सुदामा चरित्र पर दिया प्रवचन

फोटो8एसकेएल2व3-अंतिम दिन प्रवचन देते व उपस्थित भक्त वृंदसरायकेला: अरे द्वारा पालों कन्हैया से कह दो के दर पे सुदामा गरीब आ गया है…… गीत के कानों में पड़ते ही भक्त स्वत: ही झूम रहे थे. ये नजारा था कालूराम ट्रस्ट द्वारा आयोजित भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के अंतिम दिन का. इस मौके पर पंडित विकास […]

फोटो8एसकेएल2व3-अंतिम दिन प्रवचन देते व उपस्थित भक्त वृंदसरायकेला: अरे द्वारा पालों कन्हैया से कह दो के दर पे सुदामा गरीब आ गया है…… गीत के कानों में पड़ते ही भक्त स्वत: ही झूम रहे थे. ये नजारा था कालूराम ट्रस्ट द्वारा आयोजित भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के अंतिम दिन का. इस मौके पर पंडित विकास चंद्र शास्त्री जी ने कृष्ण-सुदामा के चरित्र-चित्रण पर प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण अपने महल पर थे, तभी तन पर न कपड़े पहने और न ही सर पर पगडी पहने एक गरीब व्यक्ति उनके द्वार पर आया और भगवान श्रीकृष्ण से मिलने कि इच्छा जताने लगा, द्वारपालों ने उन्हें रोका और अंदर जाने से मना किया. अपने बाल सखा से मिलने को आतुर सुदामा ने द्वारपालों से यह समाचार श्रीकृष्ण को देने के लिए कहा. जैसे ही भगवान को सुदामा को आने कि खबर मिली कि वे नंगे पांव दौड़े चले आये और सुदामा को गले से लगा लिया. भगवान को देख कर सुदामा ने कहा कि देखो-देखो ये गरीबी का हाल तेर दर पे विश्वास ले कर आया हूं…. भगवान से मिल कर जहां सुदामा फूले नहीं समा रहे थे, वहीं भगवान ने अपने बाल सखा को गले से लगा लिया. समापन में आरती व प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के आयोजन में मनोज चौधरी, ललीत चौधरी व अन्य की भूमिका सराहनीय रही.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >