सरायकेला. बहुत जल्द जिले के सभी सरकारी विद्यालय बदले-बदले से नजर आयेंगे. विद्यालयों में समय परिवर्तन के बाद छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी एक विशेष ड्रेस में विद्यालय पहुंचेंगे. इससे सरकारी विद्यालय भी अब निजी विद्यालयों की तरह हाइटेक नजर आयेंगे. इस दिशा में शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिया जा चुका है. लेकिन ड्रेस कोड के मामले में विभाग द्वारा शिक्षकों पर किसी तरह का दबाब नही दिया गया है. शिक्षकों को स्वेच्छा से ड्रेस कोड का पालन करने की बात कही गयी है.शिक्षकों के लिए काली पैंट, क्रीम रंग की शर्ट, मैरुन टाई व काले जूते तथा शिक्षिकाओं के लिए मैरुन पाड़ की क्रीम साड़ी व मैरुन रंग का ब्लाउज या मैरुन सलवार व दुपट्टा के साथ क्रीम रंग की समीज को ड्रेस कोड बनाया गया है.विद्यालयों में शिक्षकों की पहल पर ही ड्रेस कोड लागू किया गया है. शिक्षकों को यूनीफॉर्म में विद्यालय आने के लिए कार्यालय द्वारा कोई पत्र जारी कर दबाव नही दिया गया है. शिक्षक स्वेच्छा से ड्रेस कोड का पालन करें. -सुरेश चंद्र घोष, जिला शिक्षा अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां.
विद्यालयों में अब ड्रेस कोड में नजर आयेंगे शिक्षक
सरायकेला. बहुत जल्द जिले के सभी सरकारी विद्यालय बदले-बदले से नजर आयेंगे. विद्यालयों में समय परिवर्तन के बाद छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी एक विशेष ड्रेस में विद्यालय पहुंचेंगे. इससे सरकारी विद्यालय भी अब निजी विद्यालयों की तरह हाइटेक नजर आयेंगे. इस दिशा में शिक्षा विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिया जा चुका […]
