संवाददाता, खरसावां खरसावां प्रखंड के हरिभंजा व रिडींग पंचायत भवन में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र के किसानों को शत प्रतिशत बीजोपचार करने के तरीके बताये गये. कार्यक्रम में मुख्य रुप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी परशुराम महतो व प्रखंड तकनीकी प्रबंधक प्रदीप सिंह ने किसानों को बीजोपचार के तरीकों की जानकारी दी तथा खेती के दौरान इसका उपयोग करने की अपील की. मौके पर काफी संख्या में किसान उपस्थित उपस्थित थे. प्रदीप सिंह ने बताया कि बुआई से पूर्व बीज को अनुशंसित रसायनों से उपचारित कर लेने से कई प्रकार के बीमारियों को रोका जा सकता है. उन्होंने बताया कि इसमें खर्च नाम मात्र का होता है और लाभ खर्च के सात गुना मिलता है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी परशुराम महतो ने बताया कि खड़ी फसलों में अधिकांश रोग का संक्रमण मुख्य रुप से बीज व मिट्टी के कारण होता है. किसानों को धान के फसल में बैविस्टीन, धानुस्टीन, जेकेस्टीन व डेरोसोल, मकई, मडुआ, ज्वार-बाजरा, अरहर, उदड़, मूंग, भिंडी के फसल में कैपटॉन व थीरम, अदरक के फसल में ट्राईकोडर्मा तथा आलू के फसल साफ व कपेनियन नामक रसायन से बीजोपचार करने की सलाह दी गयी. उन्होंने बताया कि सभी फसलों के लिए अलग-अलग मात्रा तय की गयी है.
किसानों को बताया गया शत प्रतिशत बीजोपचार का तरीका
संवाददाता, खरसावां खरसावां प्रखंड के हरिभंजा व रिडींग पंचायत भवन में अलग अलग कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र के किसानों को शत प्रतिशत बीजोपचार करने के तरीके बताये गये. कार्यक्रम में मुख्य रुप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी परशुराम महतो व प्रखंड तकनीकी प्रबंधक प्रदीप सिंह ने किसानों को बीजोपचार के तरीकों की जानकारी दी तथा खेती […]
