हो भाषा के शिक्षकों ने किया पुतला दहन

फोटो 3एसकेएल 8 पुतला दहन करते शिक्षकप्रतिनिधि, सरायकेलाक्षेत्रीय जनजाति हो भाषा के किताबों का मुद्रण देवनागरी में करने के विरोध में शुक्रवार को वारड क्षिति लिपि तुरुतुई शिक्षक संघ द्वारा बिरसा चौक में हो भाषा के तीन सलाहकार डॉ दयामंती सिंकु,डॉ इंद्रा बिरुआ व गुरुचरण पूर्ति का पुतला दहन किया गया. संघ के सृजन हाइबुरु […]

फोटो 3एसकेएल 8 पुतला दहन करते शिक्षकप्रतिनिधि, सरायकेलाक्षेत्रीय जनजाति हो भाषा के किताबों का मुद्रण देवनागरी में करने के विरोध में शुक्रवार को वारड क्षिति लिपि तुरुतुई शिक्षक संघ द्वारा बिरसा चौक में हो भाषा के तीन सलाहकार डॉ दयामंती सिंकु,डॉ इंद्रा बिरुआ व गुरुचरण पूर्ति का पुतला दहन किया गया. संघ के सृजन हाइबुरु ने बताया कि झारखंड शिक्षा प्रशिक्षण एवं शोध परिषद् की ओर से क्षेत्रीय जनजाति हो भाषा के पहली कक्षा से दसवीं कक्षा तक के किताबों का मुद्रण वारड क्षिति लिपि से होना है लेकिन क्षेत्रीय जनजाति हो भाषा सलाहकार डॉ दयामंती सिंकु,डॉ इंद्रा बिरुआ व गुरुचरण पूर्ति के अनुशंसा से किताबों का मुद्रण देवनागरी लिपि में किया जा रहा है. श्री हाइबुरु ने कहा कि समाज व भाषा के ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं किया जायेगा. पुतला दहन से पूर्व संघ द्वारा थाना चौक से बिरसा चौक तक रैली निकाल कर विरोध प्रकट भी किया गया.मौके पर संघ के सुखराम बुडीइली,मनीषा देवगम,अमर सिंह बानरा,अनिता बिरुली,सीता बांदिया,मानु सुंडी,जोंगा केराई,बासुदेव हेम्ब्रम,मोहन पूर्ति समेत अन्य उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >