फोटो26एसकेएल3 दीप प्रज्वलित करते डीजेप्रतिनिधि, सरायकेला जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में महिला सामाख्या व यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में पारा लीगल वोलेंटियर व पैनेल अधिवक्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो कासिम उपस्थित थे. प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया. प्रशिक्षण में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र के लड़की या लड़का के साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न उस कानून के दायरे में आता है. इसके तहत लड़के व लड़की दोनों को सुरक्षा प्रदान किया गया है. ऐसे मामले में उम्र कैद तक भी सजा का प्रावधान है. प्रशिक्षण में वक्ता के रूप में उपस्थित चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर, डीएलएसए सचिव अनुज कुमार द्वारा भी जानकारी दी गयी. मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ रथ, देवाशीष आचार्य सहित अन्य ने भी संबोधित किया. मौके पर अधिवक्ता, महिला समाख्या के समन्वयक मेनका महतो, सीता टूडु, सुमित तियु, दीपक कुमार सिंह सहित अन्य उपस्थित थे.
लैंगिक अपराधों से बालक बालिकाओं का संरक्षण जरूरी: डीजे
फोटो26एसकेएल3 दीप प्रज्वलित करते डीजेप्रतिनिधि, सरायकेला जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तहत स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में महिला सामाख्या व यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में पारा लीगल वोलेंटियर व पैनेल अधिवक्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो कासिम उपस्थित थे. प्रशिक्षण […]
