गम्हरिया. कांड्रा-चांडिल मार्ग पर स्थित मानीकुई पुल की जर्जरावस्था को विभाग द्वारा गंभीरता से नहीं लिये जाने का खामियाजा बड़े वाहन मालिकों को भुगतना पड़ रहा है. लगभग दो वर्ष पूर्व ही पुल की जर्जरवास्था को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुल के दोनों छोर पर लोहे का बैरियर लगा कर बड़े वाहनों के प्रवेश वर्जित कर दिया गया है.
परिणामस्वरूप बड़े वाहनों को लंबी दूरी तय कर चांडिल जाने को विवश होना पड़ रहा है. लंबी दूरी तय करने की वजह से जहां उनका समय की बर्बादी हो रही है. वहीं उनका अतिरिक्त ईंधन की भी खपत होती है, जिसका भरपाई वाहन मालिक को करने में कई माह लग जाते है. 23 किमी सफर कर तय तकते हैं 10 किमी की दूरी कांड्रा से चांडिल की दूरी लगभग दस किमी है, लेकिन मानिकुई नदी में बड़े वाहनों के आवाजाही पर रोक लगाये जाने की वजह से वाहनों को चौका होते हुए लगभग 23 किमी की दूरी तय कर चांडिल जाना पड़ता है.
इधर कांड्रा-चौका मार्ग भी जगह जगह जर्जर होने की वजह से बड़े वाहनों को जान जोखिम में डाल सावधानीपूर्वक चलना पड़ता है. इससे अक्सर उक्त सड़क पर दुर्घटना घटने की आशंका बनी रहती है. दो वर्षों से जस की तस बनी है समस्या दो वर्ष पूर्व बड़े वाहनों के आवाजाही पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिया के दोनों छोर पर लोहे का बैरियर लगा दिया गया, लेकिन दो वर्षों में उक्त पुल की मरम्मती को लेकर किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाये जाने की वजह से पुल की समस्या जस की तस बनी हुई है.
