– कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की- कुड़माली भाषा संस्कृतिक के उत्थान को लेकर विचार विमर्श8 केएसएन 3 : कुड़मी महोत्सव में उपस्थित अतिथिसंवाददाता, खरसावां युवा कुड़मी संगठन के तत्वावधान में रविवार को आकर्षणी मंदिर परिसर में मिलन समारोह का आयोजन किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुड़मी विकास मोरचा रांची के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कुड़माली भाषा व संस्कृति पर प्रकाश डाला. उन्होंने कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की. उन्होंने स्थानीय नीति लागू करने की भी मांग की. ओहदार ने कहा कि कुड़मी को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल करने के लिए 1932 से आंदोलन किया जा रहा है, परंतु अब तक मांगे पूरी नहीं हुई है. इस मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने व जन जागरण चलाने की बातें कही गयी. मौके पर कुड़माली भाषा व संस्कृति के उत्थान पर भी विचार विमर्श किया गया. मौके पर वक्ताओं ने सामाजिक व शैक्षणिक जागरूकता लाने को लेकर विचार- विमर्श की. मिलन समारोह को मुख्य रुप से पटमदा के पंचानन महतो, कांड्रा के अंगुर महतो, राजनगर के भुवनेश्वर महतो, तमाड़ के जवाहर लाल महतो, महावीर महतो, सत्य प्रकाश महतो, दूबराज महतो, सत्य नारायण महतो, रुद्र प्रताप महतो, श्याम सुंदर महतो ने भी संबोधित किया.
खरसावां के आकर्षणी में युवा कुड़मी संगठन का मिलन समारोह संपन्न
– कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की- कुड़माली भाषा संस्कृतिक के उत्थान को लेकर विचार विमर्श8 केएसएन 3 : कुड़मी महोत्सव में उपस्थित अतिथिसंवाददाता, खरसावां युवा कुड़मी संगठन के तत्वावधान में रविवार को आकर्षणी मंदिर परिसर में मिलन समारोह का आयोजन किया गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए […]
