संस्थागत प्रसव बढ़ाने व पूर्ण टीकाकरण में सुधार लाने के लिए दिये निर्देश
सरायकेला : उपायुक्त छवि रंजन ने गुरुवार को समाहरणालय में एनआरएचएम की समीक्षा बैठक की. बैठक में कम वजनवाले शिशु, संस्थागत प्रसव व पूर्ण टीकाकरण की खराब स्थिति पर डीसी ने जिला के आठों सीएचसी प्रभारियों को शो कॉज जारी किया एवं कार्य में सुधार लाने का निर्देश देते हुए कार्य में लापरवाही बरतनेवालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी. बैठक में डीसी ने संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, सीएम जननी सुरक्षा योजना, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की. समीक्षा के क्रम में नीमडीह सीएचसी सबसे खराब स्थिति में पाया गया,
वैसे सभी सीएचसी सभी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिल पाये गये. समीक्षा के क्रम में संस्थागत प्रसव के औसत 82 प्रतिशत की तुलना में सरायकेला में यह महज 68 प्रतिशत पायी गयी. इस पर डीसी ने नाराजगी प्रकट करते हुए संस्थागत प्रसव बढ़ाने व कम वजन वाले बच्चे क्यों पैदा हो रहे हैं, इसकी गहराई से जांच करते हुए इसका समाधान करने का निर्देश दिया.
उप स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित रहें चिकित्सक
डीसी ने स्वास्थ्य केंद्र से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्रों तक में चिकित्सकों का उपस्थित रहना सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने कहा कि इसके लिए उपस्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा तथा गायब पाये जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी. बैठक में डीसी ने सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की हिदायत दी, ताकि लोग विभिन्न बीमारियों से बचाव कर सकें. डीसी ने शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराना सुनिश्चित करने की हिदायत देते हुए इसके लिए गांव में आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका व स्वास्थ्य सहिया का सहयोग लेने की हिदायत दी. उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का भी निर्देश दिया. बैठक में सविल सर्जन डॉ एसएन झा, डॉ जुझार मांझी, डॉ विजय कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ बरियल मार्डी, समाज कल्याण पदाधिकारी सुरुचि प्रसाद के अलावा कई उपस्थित थे.
मलेरिया नियंत्रण के लिए 15 से छिड़काव
डीसी ने कहा कि जिले के कई प्रखंड मलेरिया के डेंजर जोन में हैं. बरसात से पहले ही मलेरिया नियंत्रण करने की पहल करने का निर्देश देते हुए डैंजर जोन वाले क्षेत्रों में आगामी 15 मई से ही डीडीटी का छिडकाव शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि मच्छरों का प्रकोप कम किया जा सके.
