बैंकॉक में मिली उपलब्धि : पहली बार जीता अंतरराष्ट्रीय पदक
एशिया कप में टीम इवेंट में भारत ने जीता स्वर्ण
राजनगर के बालीजुडी गांव का रहने वाला है गोरा हो
खरसावां/जमशेदपुर : बैंकॉक में आयोजित एशियन आर्चरी चैंपियनशिप के टीम इवेंट में भारतीय पुरुष आर्चरी टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है. विजेता टीम में सरायकेला-खरसावां जिला निवासी गोरा हो भी शामिल है.
सरायकेला के दुगनी स्थित आर्चरी एकेडमी से प्रशिक्षित गोरा के लिए यह पहला मौका है जब उसने अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम किया है. इसके साथ ही उसने पहली बार रिकर्व वर्ग में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया है. 17 वर्षीय गोरा हो ने एशियन चैंपियनशिप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 320 व 329 रन का स्कोर किया. मूल रूप से राजनगर (गोविंदपुर) के बालीजुडी गांव निवासी तथा 15 अप्रैल 2001 को जन्मा गोरा हो इंडियन राउंड में जूनियर व सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कई पदक जीत चुका है. 2017 के जुलाई से उन्होंने रिकर्व वर्ग में आर्चरी करना शुरू किया है. वर्तमान में आर्मी से खेलता है.
2015 में राष्ट्रपति ने किया था पुरस्कृत: वर्ष 2015 में बाल दिवस पर राष्ट्रपति भवन में तीरंदाजी खेल के लिये तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ प्रणव मुखर्जी ने गोरा हो को पुरस्कृत किया था. उस वक्त गोरा हो की उम्र करीब 14 साल थी.
खरसावां पहुंचने पर होगा भव्य स्वागत :
गोरा हो की इस उपलब्धि पर जिला तीरंदाजी संघ व जिला प्रशासन ने बधाई दी है. जिला तीरंदाजी संघ के सचिव सुमंत मोहंती ने बताया कि पदक लेकर खरसावां पहुंचने पर तीरंदाज गोरा हो का भव्य स्वागत किया जायेगा. एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर तीरंदाजी संघ के मुख्य संरक्षक सह पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, तीरंदाजी संघ की जिलाध्यक्ष मीरा मुंडा, उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक मंगल सोय, सचिव सुमंत मोहंती, उदय सिंहदेव, उत्तम मिश्रा, अजय मिश्रा, कोच बीएस राव व हिमांशु मोहंती ने बधाई दी है.
दामादिरी मैदान में सीखा था तीरंदाजी का पहला पाठ
गोरा हो ने तीरंदाजी का पहला पाठ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा व तीरंदाजी संघ की अध्यक्ष मीरा मुंडा की ओर से खरसावां के दामादिरी मैदान में संचालित प्रशिक्षण शिविर में पढ़ा था. कोच हिमांशु मोहंती व बीएस राव से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया था. गोरा हो को अभ्यास के लिए पहला धनुष मीरा मुंडा ने दिया था. यहां करीब दो साल तक तीरंदाजी करने के बाद में दुगनी स्थित तीरंदाजी अकादमी ज्वॉइन की.
