आजसू पार्टी के नेतृत्व में उपायुक्त के नाम बीडीअो को सौंपा गया ज्ञापन
खरसावां : 2011 के एसइसीसी डाटा में संशोधन कर खरसावां के 21 गांवों छूटे हुए सैकड़ों परिवारों का नाम जोड़ने की मांग को लेकर मंगलवार को आजसू पार्टी के बैनर तले ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया. खरसावां मुख्यालय पर आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आजसू नेताओं ने कहा कि केंद्रीय सर्वेक्षण में खरसावां के 21 गांवों के अधिकांश परिवारों का नाम व डाटा नहीं मिल रहा है. इस कारण ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वाला योजना समेत कई केंद्रीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं. धरना बाद उपायुक्त के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया. साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की बात कही गयी.
ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख नागी जामुदा को भी दी गयी. धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष छवि महतो, प्रखंड अध्यक्ष शिव कुमार साह, जिला उपाध्यक्ष मणींद्र जामुदा, वरीय नेता सिकंदर जामुदा, खरसावां विस प्रभारी रामरतन महतो, जिप सदस्या जींगी हेंब्रम, जगमोहन हेंब्रम, ऋषि दास, झंटु महतो, भोला प्रधान, गोवर्द्धन लौहार, लखिंद्र सरदार, शंभू मंडल, मनोज प्रधान, मदन माहली समेत बड़ी संख्या में प्रभावित गांवों के पुरुष-महिलाएं शामिल थे.
ये हैं प्रभावित गांव
रेंगोगोडा, देहरीडीह, बोरडा, कोतवालबादी, उधडिया, तेलांगजुडी, कोटवा, परमाडीह, धरमडीह, गोपीनाथपुर, बाघरायडीह, बुरुगुटू, टिरींगटीपा, बुढीतोपा, तेलांगजुडी, जोजोकुडमा महतो, बरजुडीह, कोंटाडीह,रघुनाथपुर टोला आदि शामिल हैं.
क्या हैं मांगें
एसइसीसी डाटा से गायब खरसावां के विभिन्न गांवों के लोगों का नाम जोड़ा जाये
ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट आदि की न्यूनतम दर निर्धारित की जाये
