फूलों के बजाय झाड़ियों में कैद है हॉर्टिकल्चर विभाग

सरायकेला. दस साल पहले हुई थी आम-अमरूद की नर्सरी कार्यालय में महीनों से लटका है ताला रखे-रखे ही सड़ गये विभाग के दो ट्रैक्टर व एक जीप सरायकेला : सरायकेला कृषि कार्यालय परिसर स्थिति अनुमंडल हॉर्टिकल्चर विभाग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. फिलहाल इस विभाग में न तो कोई पदाधिकारी है […]

सरायकेला. दस साल पहले हुई थी आम-अमरूद की नर्सरी

कार्यालय में महीनों से लटका है ताला
रखे-रखे ही सड़ गये विभाग के दो ट्रैक्टर व एक जीप
सरायकेला : सरायकेला कृषि कार्यालय परिसर स्थिति अनुमंडल हॉर्टिकल्चर विभाग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. फिलहाल इस विभाग में न तो कोई पदाधिकारी है और न ही कर्मचारी, परिणाम स्वरूप कार्यालय कई महीनों से बंद है. स्थिति यह है कि जिस विभाग को फूल-पौधों से घिरा रहना चाहिए था, उसके कार्यालय के चारों अोर झाड़ियां उग आयी हैं. यहां तक की विभाग के वाहन भी रखे-रखे सड़ गये हैं. बागवानी को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न योजनाएं भी फाइलों तक ही सीमित रह गयी है. पदाधिकारियों के संबंध में पता चला कि यहां पदस्थापित पदाधिकारी अशोक कुमार झा मेडिकल लिव में हैं. उन्हें पैरालिसिस मार गया है और वे अंतिम बार 31 दिसंबर को कार्यालाय आये थे.
चाईबासा से संचालित होता है विभाग
सरायकेला का अनुमंडल स्तरीय हॉर्टिकल्चर विभाग अब भी चाईबासा से ही संचालित है. चाईबासा में इसका जिला कार्यालय है, जबकि अनुमंडल स्तर का कार्यालय सरायकेला में है. जिला उद्यान पदाधिकारी के रूप में संतोष लकड़ा पदस्थापित हैं, जबकि अनुमंडल उद्यान पदाधिकारी के रूप में अशोक कुमार झा हैं, जो मेडिकल लिव पर हैं. जबकि एक बड़ाबाबू पदस्थापित हैं. जिला उद्यान पदाधिकारी संतोष लकड़ा यहां नहीं आते हैं.
फाइलों में दब कर रह गयी हॉर्टिकल्चर विभाग की योजनाएं
फाइलों तक सिमटी हॉर्टिकल्चर की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं
अनुमंडल हॉर्टिकल्चर विभाग द्वारा दस वर्ष पूर्व आम व अमरूद के पौधे कलमी किये गये थे, लेकिन वे जस के तस रहे गये और उसका वितरण भी सही से नहीं हो सका. नर्सरी में ही अधिकांश पौधे मर गये या वहीं पर बड़े हो गये. इसके बाद से विभाग में नर्सरी का एक भी कार्य नहीं हुआ. बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जबकि बागवानी की योजनाएं सिर्फ फाइलों में ही दौड़ रही है.
सड़ गये हैं सरकारी वाहन
हॉर्टिकल्चर विभाग परिसर में रखे सरकारी वाहनों में एक जीप व दो ट्रैक्टर सड़ गये हैं. स्थिति यह है कि उनकी मरम्मत की भी संभावना कम ही है. जबकि सिंचाई के लिए लगाये गये उपकरण भी खराब पड़े हैं. कार्यालय में साफ-सफाई नहीं होने के कारण परिसर में गंदगी फैली हुई है.

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