मनोहरपुर : शहर की सरकारी शराब दुकान नं 003 में आग लगाने की घटना को संजय महतो ने पूर्व नियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया. उसने दुकान में घुसने के लिए नकली चाबी का इस्तेमाल किया और जांच की दिशा बदलने के मकसद से वहां हेक्साब्लेड छोड़ दिया.
पुलिस के मुताबिक संजय बाजार में कर्जदार हो गया था तथा दुकान के हिसाब में करीब 70 हजार रुपये की हेरफेर थी. इसी बीच विगत चार सितंबर को संजय से दुकान के मैनेजर का प्रभार लेकर राजू प्रसाद को दे दिया गया.
अब संजय मात्र सेल्समैन रह गया था.
संजय ने अपनी हेराफेरी और चोरी छिपाने के लिए दुकान में आग लगाने की योजना बनायी. उसने राउरकेला से दुकान की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली. शुक्रवार रात उसी चाबी से दुकान खोलकर पहले गल्ले में रखे रुपये चुराये, उसके बाद आग लगा दी. पुलिस को दिग्भ्रमित करने के लिए उसने वहां दो हेक्साब्लेड फेंक दिया ताकि उसे ताला तोड़कर चोरी की घटना मान लिया जाये.
मामले में पुलिस को असली सुराग तब मिला जब आग बुझने के बाद पुलिस ने रुपये रखने वाला बक्सा खोजना शुरू किया. दुकान के नये मैनेजर ने बताया कि वह बक्सा गायब है. इसके बाद पूछताछ मे संजय ने अपना जुर्म कबूल किया. मैनेजर के मुताबिक बक्से मे एक लाख 67 हजार से ज्यादा रुपये थे.
संजय से पूछताछ में उसने चोरी के पैसे विश्वशील को देने की बात कही. पुलिस ने स्वागत होटल के मालिक विश्वशील के घर पर छापेमारी कर चोरी के 75 हजार 7 सौ रुपये बरामद कर लिये और लगभग 2 लाख रुपये कीमत की 30 पेटी शराब भी बरामद कर ली. चोरी की बाकी रकम का पता नहीं चला है.
