पैसे के अभाव का हवाला देकर एमजीएम के बजाय भेजा गया घर
कल्याण विभाग से स्वीकृत राशि के हस्तानांतरण का हो रहा इंतजार
सरायकेला : नाभि हर्निया से ग्रस्त आठ वर्षीय अंजीत पुरती का इलाज एक बार फिर प्रक्रियाओं के मकड़जाल में फंस गया है. तीन दिन पूर्व प्रभात खबर में अंजीत की बीमारी की खबर प्रमुखता से छपने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री सीपी सिंह द्वारा उसका संज्ञान लिये जाने एवं उससे जिला स्वास्थ्य विभाग में बढ़ी हलचल से अंजीत का जल्द इलाज होने की जो उम्मीद जगी थी, प्राथमिक चिकित्सा के बाद पैसे के अभाव में विभाग ने उसे घर वापस भेज कर उसपर फिर पानी फेर दिया. ज्ञात हो कि प्रभारी मंत्री सीपी सिंह ने 30 अक्टूबर को ही सिविल सर्जन को बच्चे के इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश देते हुए आवश्यक होने पर उसके इलाज का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा भी की थी.
विभाग की टीम आनन-फानन में स्वास्थ्य टीम कांदागोड़ा भेजकर अंजीत पुरती तथा उसके दो बीमार भाइयों को सरायकेला ले आयी, जहां सिविल सर्जन डॉ एपी सिन्हा के नेतृत्व में गठित टीम ने उनकी जांच की तथा उसे ऑपरेशन केलिए एमजीएम अस्पताल भेजने की बात कही. दूसरी ओर कल्याण ने भी अंजीत के परिवार को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की. लेकिन इस सबके बावजूद
अंजीत को मंगलवार शाम यह कहते हुए वापस कांदागोड़ा भेज दिया गया कि कल्याण विभाग के पैसे मिलने के बाद उसे इलाज के लिए एमजीएम भेजा जायेगा.
एमजीएम भेजने के लिए पैसे का इंतजार क्यों : अंजीत को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजने के लिए पैसों के इंतजार की बात समझ से परे है क्योंकि एमजीएम में इलाज के लिए पैसे नहीं लगेंगे.
सिविल सर्जन ने पूछने पर बताया कि अंजीत के परिवार के पास जमशेदपुर में उसके साथ रहने के लिए भी पैसे नहीं हैं, इसीलिए उसे घर वापस भेजा गया है. कल तक कल्याण विभाग से पैसे मिल जाने के बाद उसे एमजीएम भेजा जायेगा. प्रभारी मंत्री कर चुके हैं अपने खर्च से इलाज कराने की घोषणा जिले के प्रभारी मंत्री सीपी सिंह अंजीत का अपने खर्च से इलाज कराने की
घोषणा कर चुके हैं, इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा पैसों के इंतजार में उसे एमजीएम की बजाय घर वापस भेजा जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है.
कल्याण विभाग ने अंजीत के परिजनों को सौंपा चेक
कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को कांदागोड़ा जाकर नाभि हर्निया से पीड़ित अंजीत पुरती के परिजनों को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद का चेक सौंपा. याद रहे कि विभाग की ओर से अंजीत के परिजनों को उसके इलाज में मदद के लिए दस हजार रुपये का अनुदान देने की घोषणा की गयी थी.
पैसे के अभाव में बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया है. कल्याण विभाग से स्वीकृत राशि का हस्तांतरण हो जाने के बाद बच्चे को इलाज के लिए एमजीएम भेजा जाएगा.
डॉ एपी सिन्हा, सिविल सर्जन,
