देवस्नान पूर्णिमा आज. प्रभु जगन्नाथ के दर्शन को पहुंचेंगे श्रद्धालु
देव स्नान पूर्णिमा के साथ ही शुरू हो जायेगी रथ यात्रा उत्सव की तैयारी
खरसावां : शुक्रवार को महाप्रभु जगन्नाथ का पवित्र देवस्नान पूर्णिमा है. इस दिन सरायकेला, खरसावां, हरिभंजा, चांडिल समेत सभी जगन्नाथ मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर चतुर्था मूर्तियों को विशेष स्नान कराया जायेगा. प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व देवी सुभद्रा को मंदिर के गर्भ गृह से स्नान मंडप में ले जाकर विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके बाद स्नान मंडप में 108 कलश पानी से स्नान कराया जायेगा. मान्यता है कि स्नान पूर्णिमा के दिन प्रभु जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं.
तत्पश्चात एक पखवाड़े तक यानी 15 दिनों तक उनका उपचार अणसर गृह में किया जायेगा. 15 दिनों की अवधि में किसी भी भक्त को प्रभु का दर्शन नहीं होता है. देव स्नान पूर्णिमा के साथ ही रथ यात्रा उत्सव की तैयारी की भी शुरुआत हो जाती है. स्नान पूर्णिमा के मौके पर प्रभु जगन्नाथ, बडे भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के दर्शन को काफी पुण्य व फलदायी माना जाता है. इसके बाद 24 जून को नेत्र उत्सव के दिन प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा के नव यौवन रूप के दर्शन होंगे. 25 जून को प्रभु जगन्नाथ की प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा निकलेगी तथा तीन जुलाई को बाहुड़ा यात्रा आयोजित होगी. मालूम हो कि सरायकेला-खरसावां जिला में बड़े पैमाने पर प्रभु जगन्नाथ की रथा यत्रा का आयोजन होता है. जगत के पालनहार प्रभु जगन्नाथ के द्वादश यात्राओं में वार्षिक रथ यात्रा सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है.
