प्रभात खबर द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को शहर के लोहंड स्थित एसजीआरएस एकेडमिक प्राइवेट लिमिटेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लिया. संवाद कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य था महिलाओं की शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर खुलकर चर्चा करना तथा यह समझना कि आज के दौर में शिक्षा का महत्व महिलाओं के जीवन को किस प्रकार बदल सकता है. कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं और प्रशिक्षुओं ने एक सुर में कहा कि शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं और हर महिला को अपनी जिंदगी में शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षक व अभिभावक के रूप में कार्यरत डोली कुमारी ने की. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और इस प्रगति का मूल आधार शिक्षा ही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में अभी भी कई महिलाएं और बालिकाएं शिक्षा से दूर हैं. ऐसे में समाज को एकजुट होकर महिलाओं की शिक्षा को सर्वोपरि रखना होगा. प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं व महिलाओं ने कहा कि आज वे शिक्षित हैं, इसलिए आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से व्यावसायिक प्रशिक्षण ले रही हैं. उन्होंने बताया कि जब तक महिलाएं शिक्षित नहीं होंगी, तब तक वे न तो अपने अधिकार समझ पाएंगी और न ही समाज में अपनी भूमिका को मजबूती से रख पाएंगी. उन्होंने इसे भी रेखांकित किया कि देश की आधी आबादी महिलाएं हैं और यदि यह आधी आबादी शिक्षित नहीं होगी तो देश के समग्र विकास की कल्पना भी अधूरी ही रहेगी. महिलाओं ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से वे विभिन्न कौशल सीख रही हैं, ताकि भविष्य में उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें. उनके अनुसार शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि सोच, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने का सबसे प्रभावी साधन है. संवाद कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि शिक्षा ग्रहण करने में उम्र की कोई सीमा नहीं होती. कई महिलाओं ने बताया कि वे विभिन्न घरेलू जिम्मेदारियों के कारण पहले पढ़ाई से दूर रहीं, लेकिन अब पुनः शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से अपने करियर को नयी दिशा दे रही हैं. उन्होंने समाज के सभी अभिभावकों से आह्वान किया कि बेटियों और महिलाओं की शिक्षा को कभी बोझ न समझें, बल्कि इसे परिवार और समाज के उज्ज्वल भविष्य के रूप में देखें. कार्यक्रम के अंत में प्रभात खबर की ओर से उपस्थित प्रतिनिधि ने कहा कि समाचार पत्र समाज का दर्पण होता है और ऐसे संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की वास्तविक समस्याओं और उनकी आकांक्षाओं को सामने लाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा. महिलाओं ने प्रभात खबर के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उनकी सोच और आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं.
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