कौन हैं गमालियल हेम्ब्रम? हेमंत सोरेन के खिलाफ लड़ने जा रहे हैं चुनाव, ऐसा है पारा टीचर का सफर

Who is Gamliyel Hembrom: हेमंत सोरेन के खिलाफ बरहेट से चुनाव लड़ने जा रहे गमालियल हेम्ब्रम कौन हैं? कितना लंबा है उनका राजनीतिक सफर.

Who is Gamliyel Hembrom|झारखंड की सबसे हॉट सीट है बरहेट. अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित इस विधानसभा सीट से झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस विधानसभा सीट से जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा है, वो कौन है? उसका अब तक का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?

पारा टीचर की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए गमालियल हेम्ब्रम

सबसे पहले यह जान लीजिए कि हेमंत सोरेन के खिलाफ जो शख्स झारखंड विधानसभा 2024 का चुनाव बरहेट (एसटी) विधानसभा सीट से लड़ने जा रहा है, उसका नाम है- गमालियल हेम्ब्रम. 5 साल पहले पारा टीचर की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा. पत्नी भी जनप्रतिनिधि हैं.

आजसू के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव

गमालियल हेम्ब्रम को खेल से गहरा लगाव है. क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन करने के लिए जाने जाते हैं. गमालियल हेम्ब्रम जिस टूर्नामेंट का आयोजन करते हैं, उसमें देश-विदेश के खिलाड़ी शामिल होते हैं. वर्ष 2019 में हेमंत सोरेन के खिलाफ विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के टिकट पर तब चुनाव लड़े थे.

25 साल की उम्र में हेमंत सोरेन के खिलाफ लड़ा था चुनाव

चुनाव लड़ने के लिए गमालियल हेम्ब्रम ने वर्ष 2019 में पारा शिक्षक की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. महज 25 साल की उम्र में उन्होंने बरहेट (एसटी) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. उस वक्त हेमंत सोरेन इस सीट से चुनाव लड़ रहे थे. भाजपा ने सिमोन मालतो को मैदान में उतारा था.

2019 में बरहेट सीट पर गमालियल को मिले थे 2573 वोट

वर्ष 2019 के चुनाव में हेमंत सोरेन को 73,725 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर मालतो रहे थे. उनको 47,985 वोट प्राप्त हुए थे. झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के उम्मीदवार होपना टुडू को 2,622 और आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गमालियल हेम्ब्रम को 2,573 वोट मिले थे.

गमालियल हेम्ब्रम की पत्नी विनीता टुडू हैं खैरवा पंचायत की मुखिया

क्षेत्र में इनकी पहचान एक बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन करने वाले की है. जब भी फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन होता है, उसमें भारी संख्या में लोग जुटते हैं. देश के कई राज्यों के फुटबॉल खिलाड़ी तो इसमें खेलते ही हैं, कई विदेशी खिलाड़ी भी खेलने के लिए आते हैं. उनकी पत्नी विनीता टुडू बरहेट की खैरवा पंचायत से लगातार 2 बार मुखिया चुनी गईं हैं.

Also Read

हेमंत सोरेन के खिलाफ भाजपा को मिल गया उम्मीदवार, बरहेट से गमालियल हेम्ब्रम लड़ेंगे चुनाव

Barhait Vidhan Sabha: 4 दशक से बरहेट में झामुमो अजेय, हेमंत सोरेन हैं विधायक

कल्पना सोरेन, मीरा मुंडा सहित ये नेता पत्नियां दिखाएंगी झारखंड में कमाल, संभालेंगी विरासत

जमीन, स्थानीयता नीति और सरना धर्म कोड होंगे झारखंड विधानसभा चुनाव में आदिवासियों के मुद्दे

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >