उधवा में बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित, फसल भी बर्बाद

उधवा में बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित, फसल भी बर्बाद

प्रतिनिधि, उधवा. प्रखंड के निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से पूरा दियारा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया है, जिससे हजारों परिवारों की जिंदगी संकट में पड़ गयी है. चारों ओर केवल बेबसी और अफरा-तफरी का माहौल है. बाढ़ की विभीषिका से बचने के लिए कुछ परिवार अपना घर-बार छोड़कर पलायन कर रहे हैं, तो कुछ अपने ही इलाके में किसी सुरक्षित ऊंचे स्थान की तलाश में भटक रहे हैं. कई विद्यालयों में पानी भर जाने के कारण उन्हें बंद करना पड़ा है. जानकारी के अनुसार, पूर्वी प्राणपुर पंचायत और श्रीधर दियारा पंचायत के साहब टोला सहित कई मोहल्ले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं, जहां लगभग 300 से अधिक परिवार जलमग्न घरों में फंसे हैं. इसी तरह पश्चिम प्राणपुर और दक्षिण पलासगाछी पंचायत के कई गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं. गोलढाब चुआर जैसे इलाके पूरी तरह से बाढ़ग्रस्त हो चुके हैं. लोगों के सामने न केवल अपने रहने और खाने का संकट है, बल्कि अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने और उनके लिए चारे का प्रबंध करने की भी गंभीर चुनौती है. गांव के भीतर आवाजाही बनाए रखने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बांस के अस्थायी चाचरी पुल बना रहे हैं. चुआर गांव के तैसुद्दीन शेख, मुनीमुल शेख और अशरफ शेख जैसे ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगायी है. उन्होंने बताया कि दर्जनों घरों और स्थानीय विद्यालय में पानी घुस चुका है, और मुख्य सड़कें जलमग्न होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि बीते तीन-चार दिनों से पूरा इलाका बाढ़ में डूबा है, लेकिन अब तक अंचल प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है और न ही किसी अधिकारी ने आकर सुध ली है. इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है. बीडीओ जयंत कुमार तिवारी ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. मंगलवार को राजस्व कर्मचारी दारा पासवान ने पूर्वी प्राणपुर और श्रीधर दियारा जैसे प्रभावित इलाकों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया. बीडीओ सह सीओ जयंत कुमार तिवारी ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. प्रभावितों के लिए राहत सामग्री की मांग: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उधवा अंचल कार्यालय ने जिला के अपर समाहर्ता को पत्र लिखकर तत्काल सहायता की मांग की है. प्रभावित हजारों परिवारों के लिए चूड़ा, गुड़, सत्तू, तिरपाल, मोमबत्ती और माचिस जैसी आवश्यक सूखी राहत सामग्रियों के आवंटन का अनुरोध किया गया है.

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Author: SUNIL THAKUR

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