आठ साल बाद भी बरहरवा नपं में कचरे के निस्तारण की जगह तय नहीं, सड़क किनारे डंप कूड़े की सड़ांध से लोगों को जीना दूभर

पहले चंडीपुर में डंप होता था कचरा, विरोध के बाद अब एनएच 80 के किनारे किया जाता है जमा, आग लगाने से निकलने वाले धूएं से परेशानी ओर बढ़ी

बरहरवा नगर पंचायत के गठन को आठ साल से अधिक समय बीत चुका है लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज भी शहर के कूड़े-कचरे को डंप करने के लिये निश्चित स्थान का चयन नहीं किया जा सका है. स्वच्छ भारत अभियान और नगर पंचायत को स्वच्छ बनाये रखने के लिये सरकार प्रत्येक माह साफ-सफाई पर लाखों रुपये खर्च कर रही हैं. इसके लिये सफाई कर्मचारी, मजदूर, सुपरवाइजर आदि को लगाया गया है. शहर से कूड़ा-कचरा को प्रत्येक दिन सफाई कर्मी उठाकर नगर पंचायत से बाहर तो ले जाते हैं, लेकिन यह कूड़ा- कचरा फेंकने के लिये एक निश्चित स्थान नहीं रहने के कारण एनएच-80 अंतर्गत हाई स्कूल मोड़ के पास सड़क के किनारे ही फेंक देते हैं. इस कारण यह कूड़ा-कचरा सड़-गल रहा है, जिससे काफी दुर्गंध फैल रही है. हाई स्कूल मोड़ से करीब 100 मीटर तक सड़क किनारे केबल कचरा ही कचरा नजर आता है. जिससे आसपास के लोगों के साथ-साथ एनएच से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी हो रही है. वहीं, इससे पूर्व कचरे को चंडीपुर में डंपिंग किया जाता था, लेकिन वहां पर विरोध होने के बाद अब उसे एनएच 80 के किनारे डंपिंग किया जा रहा है. एनएच-80 के पास डंप कचरों को कई बार जला दिया जाता है. जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं वार्ड 10 के नया बाजार और वार्ड 14 के नया टोला (जमाई टोला) व असमल्ला पोखर के आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशान करता है. रविवार को जब प्रभात खबर की टीम डंपिंग स्थल पर पहुंची तो पाया कि वहां कचरे में आग लगा हुआ था तथा जहरीला धुंआ चारों ओर फैल रहा था.

शहर को साफ रखने में हो रहा लाखों का खर्च, लगे है दर्जनों कर्मी

नगर पंचायत कार्यालय की ओर से कुल 64 सफाई कर्मचारियों को शहर के विभिन्न 14 वार्डों में लगाया गया है. जिसमें एक सफाई कर्मी को प्रत्येक दिन 370 रुपये एवं एक ड्राइवर हेल्पर को 510 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता है. जिनमें से 44 पुरुष एवं 20 महिला सफाई कर्मी प्रत्येक दिन वार्ड-वार्ड घूम कर कचरा उठाते हैं. इन मजदूरों की मॉनिटरिंग करने के लिये 5 सुपरवाइजर भी कार्यरत हैं. वहीं, कचरा उठाने के लिये नगर में कुल 3 ट्रैक्टर, 01 सक्शन मशीन, 6 छोटा टिपर एवं 14 वार्डों के लिये लगभग 40 हैंड ट्रॉली एवं जगह-जगह डस्टबीन भी लगाये गये हैं.

भविष्य में पानी निकासी की हो सकती है समस्या, जोला नाला हो रहा है जाम

एनएच-80 के किनारे जिस स्थान पर शहर का कचरा डंप किया जाता है. उसी के बगल से होकर शहर के बीचों-बीच बहने वाला सरकारी जोला नाला गुजरता है, जो आगे जाकर केंचुआ नाला में मिल जाता है. लेकिन, सड़क किनारे डंप कचरा फैलकर नाले में मिल रहा है तथा नाला को जाम कर रहा है. अगर जल्द ही नपं प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में नगर द्वारा डंप किये गये कचरे से सरकारी जोला नाला पूरी तरह से जाम हो सकता है और शहर के पानी निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से बरसात के दिनों में शहर के कई वार्डों में जोला नाला का गंदा पानी घुस सकता है.

क्या कहते है लोग

एनएच-80 किनारे पूरे शहर का कचरा डंप किये जाने के कारण असमल्ला पोखर के आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. शरद काल में आग लगने से कचरे का जहरीला धुंआ हमारे घर तक आ जाता है. इस कारण घर का खिड़की खोलना भी मुश्किल हो जाता है.

फोटो- 00, अनंत कुमार कुशवाहा

वार्ड 10 नया बाजार के समीप कचरा डंप करने से नया बाजार के लोगों को काफी दिक्कत होती है. जहरीले धुएं और दुर्गंध ने नयाबाजार के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. पहले युवा उक्त सड़क पर रनिंग के लिये जाते थे. लेकिन, कचरा डंपिंग के कारण युवाओं को रनिंग में काफी दिक्कत होती है.

फोटो- 00, छोटे लाल रमानी

नगर प्रशासन द्वारा अब तक कचरा डंपिंग के लिये सही स्थान चिन्हित नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है. वार्ड 14 के ग्रामीणों सहित पूरे नगरवासियों को इससे परेशानी हो रही है. वार्ड 14 के ग्रामीण इससे काफी आक्रोशित है. प्रशासन को इस ओर अतिशीघ्र ध्यान देना चाहिये.

फोटो- 00, धर्मवीर महतो

हाई स्कूल मोड़ के समीप कचरा डंपिंग करने से वार्ड 14 नयाटोला, जमाईटोला और असमल्ला पोखर के आस-पास रहने वाले लोगों को जहरीले धुएं के कारण डर के साये में जीना पड़ रहा है. अगर जल्द कचरे का निपटारा नहीं किया गया तो लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं.

फोटो- 00, कुलदीप कुमार

कहते हैं पदाधिकारी

नगर पंचायत बरहरवा के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि शहर के कचरे के डंपिंग के लिये बरहरवा में सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है, इसीलिये पतना अंचल में जमीन देखा जा रहा है. नगर प्रशासन इसको लेकर गंभीर है. अगर जमीन उपलब्ध हो जाता है तो कचरे के निस्तारण के लिये एसडब्ल्यूएम प्लांट लगाया जायेगा.

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By ABDHESH SINGH

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