चौथे दिन भी जारी रहा व्यवसायियों का आंदोलन, रैक लोडिंग ठप
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रेल साइडिंग पूरी तरह सुनसान रही
साहिबगंज
पाकुड़–साहिबगंज में रेल विकास की मांग को लेकर व्यवसायियों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा. आंदोलन के कारण मालपहाड़ी और तिलभिट्टा रेलवे रैक प्वाइंट समेत किसी भी मार्शलिंग यार्ड में पत्थर रैक लोडिंग का कार्य शुरू नहीं हो सका. पूरे क्षेत्र की रेल साइडिंग पूरी तरह सुनसान रही, जिससे रोजगार पर निर्भर दिहाड़ी मजदूरों को बिना काम के लौटना पड़ा. रैक लोडिंग ठप रहने से रेलवे को आर्थिक नुकसान हो रहा है. सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 6 से 10 रैक लोड नहीं हो पाने के कारण लगभग 60 लाख रुपये प्रतिदिन के राजस्व नुकसान का अनुमान है. आंदोलन के चलते अब तक 35 से अधिक इंडेंट भी वापस ले लिये गये हैं, जिससे रेलवे की आय पर सीधा असर पड़ा है. इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने आंदोलन के दौरान मजदूरों की स्थिति पर चिंता जतायी. उन्होंने मांग की कि आंदोलन की अवधि में मजदूरों को वैकल्पिक कार्य उपलब्ध कराया जाये, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो. उन्होंने कहा कि रेल विकास की लड़ाई जरूरी है, लेकिन इसका बोझ गरीब मजदूरों पर नहीं पड़ना चाहिए. आंदोलन को लेकर पाकुड़ और साहिबगंज के लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. बड़ी संख्या में जिलावासियों ने आंदोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने वर्षों से रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व दिया है, लेकिन बदले में न तो पटना–दिल्ली की सीधी ट्रेन मिली और न ही शताब्दी या वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव हो पाया.
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