तीसरे दिन भी बिंदुवासिनी हॉल्ट संघर्ष समिति का धरना-प्रदर्शन जारी प्रतिनिधि, बरहरवा बिंदुवासिनी हॉल्ट संघर्ष समिति के द्वारा मालदा रेल मंडल के बिंदुवासिनी हॉल्ट स्टेशन पर लगातार तीसरे और अंतिम दिन भी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया. सोमवार को हुए इस प्रदर्शन में जलालपुर, रूपसपुर, बिंदुपाड़ा, चावलछल्ला, नुराई, लाधोपाड़ा, काकजोल, फतेहपुर, बिनोदपुर, बीरनाथपुर सहित अन्य गाँवों के लगभग दो हजार लोग शामिल हुए. इस धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में छात्र-छात्राएँ और महिलाएँ भी मौजूद थीं. धरना प्रदर्शन के अंतिम दिन विधायक प्रतिनिधि बरकत खान भी आंदोलनकारियों के बीच पहुँचे. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल से पहले ट्रेन संख्या 53433, 53053 तथा 53022 का ठहराव बिन्दुवासिनी हॉल्ट स्टेशन पर होता था, लेकिन कोरोना काल के बाद इन ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया है. इससे व्यापारी वर्ग, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मांग की कि इन ट्रेनों का ठहराव पहले की तरह बिन्दुवासिनी हॉल्ट पर किया जाए और इस हॉल्ट को पूर्ण रूप से स्टेशन के रूप में घोषित किया जाये. साथ ही, उन्होंने संघर्ष समिति की एक और प्रमुख मांग को दोहराते हुए कहा कि मालदा-बर्धमान पैसेंजर ट्रेन को फिर से चालू किया जाए और इसका ठहराव मालदा से रामपुरहाट तक के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगे उग्र जन आंदोलन किया जायेगा. धरना-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र सरकार और रेल प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. वहीं, संघर्ष समिति के सदस्यों ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो तीन अप्रैल को उग्र आंदोलन के तहत रेल चक्का जाम किया जायेगा. मौके पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत टुडू, मोरसलीम खान, हजरत अली, मोहम्मद इकबाल, मुखिया इश्तियाक हुसैन, सद्दाम हुसैन, अनंत लाल भगत, भोला महतो, दिनेश तुरी, छोटेलाल रमानी, असगर अली, शुभजीत मिश्रा, मोती अंसारी, दाऊद शेख, दौरान चौधरी सहित अन्य मौजूद थे.
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