गोराबारी हाट परिसर में सुरक्षा के इंतजाम नहीं, लगा रहता है शराबियों का जमावड़ा

हटिया परिसर में तीन संदेहास्पद मौतों पर से अबतक नहीं उठा पर्दा

साहिबगंज

हटिया परिसर में तीन साल पहले हुई तीन संदिग्ध मौतों का रहस्य अभी तक अनसुलझा है, और इन मामलों में अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा पूरे हटिया परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाये जाने के कारण घटनाओं की निगरानी नहीं हो पाती है. हटिया घने इलाकों के बीच बसा होने के कारण असामाजिक तत्वों और उचक्कों के लिए शराब पीने और षड्यंत्र रचने का सुरक्षित अड्डा बन गया है. यहां हर दिन शराब बिकती है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है और अंधेरा होते ही यह परिसर अपराधियों का अड्डा बन जाता है. आसपास के रास्तों पर कम आवागमन के कारण लोगों में अप्रिय घटनाओं का भय बना रहता है. हाल ही में पशुपालन विभाग के एक कर्मी से छीना-झपटी की घटना हुई थी, और कुछ लोगों का मानना है कि देर रात ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों के साथ भी ऐसी वारदातें होती हैं. सुरक्षा के मद्देनजर, हटिया परिसर के चारों ओर गेट बंद करके कोई चौकीदार नियुक्त नहीं किया गया है. लोगों का मानना है कि यदि ऐसा किया जाये, तो निश्चित रूप से इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी.

हटिया परिसर में हुईं संदेहास्पद मौतें

केस स्टडी 1

15 अप्रैल 2022 को जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोराबारी हाट परिसर में बिहार के भागलपुर जिले के तिमोनी मोड़ निवासी राम कुमार पासवान की संदेहास्पद स्थिति में शव बरामद हुआ था. बताया गया था कि राम कुमार पासवान कूड़ा चुनने का काम करता था. दिन भर काम करने के बाद शाम में हाटिया परिसर के आसपास ही आकर सो जाया करता था. 15 अप्रैल की रात भी राम कुमार वैसे ही सोया था, लेकिन दूसरे दिन सुबह उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो चुकी थी. इस मामले में यूपी पुलिस में यूडी केस दर्ज किया गया था.

केस स्टडी 2

15 जून 2022 को जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोराबारी हाट परिसर में संदेहास्पद स्थिति में मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति की मौत हुई थी. मृतक के ऊपर कई प्रहार साफ दिखाई दे रहे थे. जिससे यह जाहिर हो रहा था कि उसकी हत्या किसी वजनी चीज से कुचल कर की गयी हो. हालांकि शव की शिनाख्त करने में पुलिस जुट गयी थी. इस घटना में न ही मौत के कारण का पता चल पाया है. मृतक 40 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति था, जो शहर में घूम-घूम कर लोगों से खाने की वस्तुएं मांग कर जीवन व्यतीत करता था.

केस स्टडी 3

गोराबाड़ी हाट परिसर में 19 फरवरी 2023 को अहले सुबह शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी थी. शव की पहचान नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर दहला निवासी प्रकाश मंडल के रूप में हुई थी. उस दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी ने शव को देखकर प्रथम दृश्यता ब्रेन हेमरेज बताया था क्योंकि शरीर में कटे-फटे के निशान नहीं दिखाई दिए थे. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले का खुलासा नहीं किया गया.

क्या कहते हैं एसडीपीओ

चूंकि मामला पुराना है, तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा यूडी केस दर्ज किया गया था. जिसके उपरांत मामले में छानबीन की गयी थी. किसी के द्वारा आरोप नहीं लगाए गए थे. अनुसंधानकर्ता द्वारा मामले की छानबीन की गयी थी. उसी के आधार पर कार्यवाही की गयी थी.

किशोर तिर्की

सदर एसडीपीओ साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >