संथाल परगना स्थापना दिवस पर वीर सिदो-कान्हु को दी गयी श्रद्धांजलि
आदिवासी व बालिका कल्याण छात्रावास के छात्र-छात्राओं ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
साहिबगंज संथाल परगना के स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को महाविद्यालय अंतर्गत आदिवासी कल्याण छात्रावास एवं बालिका कल्याण छात्रावास के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने स्टेडियम परिसर स्थित वीर सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर छात्रों ने संथाल परगना की स्थापना से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1855 ई. में हुए महान संथाल हूल विद्रोह के परिणामस्वरूप संथाल परगना की स्थापना हुई. वीर सिदो-कान्हू, चांद-भैरव एवं फूलो-झानो के नेतृत्व में हजारों संथाल आदिवासियों ने ब्रिटिश हुकूमत तथा दमनकारी जमींदारों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष छेड़ा था. इस ऐतिहासिक आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए अंततः अंग्रेजों को झुकना पड़ा, जिसके बाद संथाल परगना का गठन हुआ. इसी कारण इस दिन को विजय दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. कार्यक्रम में आदिवासी कल्याण छात्रावास के छात्र नायक श्री लाल मुर्मू, सचिव संदीप मुर्मू तथा बालिका कल्याण छात्रावास पोखरिया की छात्र नायक सोनी मुर्मू, सचिव बालबीटी सोरेन सहित अनीता टुडू, सुजाता मुर्मू, विनोद मुर्मू, मसीह टुडू, अनुप टुडू, जोशो हेंब्रम, सुशील मुर्मू, जोसेफ हांसदा, अनपा टुडू, रेनू हेंब्रम समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
