साहिबगंज
पहले से लिये गये इंडेंट किया गया रद्द
तीसरे दिन रविवार को भी मिर्जाचौकी, करमटोला, तालझारी, तीनपहाड़, धमधामिया, बाकुडी और बरहरवा सहित जिले के सभी प्रमुख मार्शलिंग यार्ड पूरी तरह सुनसान नजर आये. कई स्थानों पर रेलवे द्वारा खाली रैक भेजे गए, लेकिन आंदोलन के कारण लोडिंग नहीं हो सकी, जिसके चलते खाली रैक वापस लौटाने पड़े. पहले से लिये गये इंडेंट भी रद्द कर दिए गए हैं, जिससे रेलवे की परिचालन व्यवस्था प्रभावित हुई है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, आंदोलन से पहले साहिबगंज क्षेत्र से प्रतिदिन औसतन 60 से 80 रैक पत्थर की लोडिंग होती थी. प्रति रैक करीब 20 लाख रुपये के राजस्व प्राप्त होता था. रेलवे को प्रतिदिन लगभग 2.5 से तीन करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है. तीसरे दिन रैक लोडिंग बंद रहने से रेलवे के राजस्व लक्ष्य और माल ढुलाई योजना पर सीधा असर पड़ रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
