उधवा : एसआईआर नोटिस व सुनवाई प्रक्रिया को लेकर पिछले कई दिनों से रोजाना उधवा प्रखंड मुख्यालय में सैकड़ों मतदाताओं की भीड़ उमड़ रही है. दूर-दराज के गांवों से महिला, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं. लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बावजूद उनके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है.
उधवा प्रखंड मुख्यालय में एसआईआर नोटिस से संबंधित जानकारी और दस्तावेजों को लेकर पहुंच रहे लोगों के लिए अलग से हेल्प डेस्क तक की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में कई मतदाता यह पता लगाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं कि उन्हें किस काउंटर पर जाना है और कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने हैं.
कड़ी धूप में खड़े रहने को मजबूर
सुबह से ही प्रखंड मुख्यालय परिसर में लोगों की भीड़ जुटने लगती है. अपनी बारी और संबंधित कार्य के लिए लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है. कड़ी धूप के बीच पर्याप्त छायादार स्थान और बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने से बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी हो रही है. हालांकि मंगलवार को अचानक बारिश होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली.
इस भीषण गर्मी और कड़ी धूप के बीच प्रखंड मुख्यालय पहुंचने वाले सैकड़ों लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं होना भी चिंता का विषय बना हुआ है. खासकर महिलाओं को शौच के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.
जाति-निवास के आवेदक भी परेशान
ऑफलाइन जाति एवं निवास प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर विभागीय निर्देश के बाद लोगों की अधिक भीड़ लगने लगी है. ऐसे में आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है.
आवेदक समीउल शेख, रहमान शेख, साहेब शेख, रूहुल शेख, मानसरुल शेख, राशिद शेख, हबीब शेख सहित दर्जनों आवेदकों ने बताया कि ऑफलाइन प्रमाणपत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज, संबंधित कर्मी और काउंटर की जानकारी लेने में समय लग रहा है. ऐसे में कई लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. लोगों ने प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, ताकि लोगों को परेशानी न हो.
यथासंभव नियमानुसार कार्रवाई
सीओ आशीष कुमार ने कहा कि यथासंभव नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. साथ ही आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जाति-निवास प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है. पर्याप्त शौचालय सुविधा के लिए पहल की जा रही है.
