प्रतिनिधि, राजमहल: गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की मार झेल रहे राजमहल प्रखंड के पशुपालकों को अब मवेशियों के चारे के संकट से भी राहत मिलने लगी है. पूर्वी नारायणपुर पंचायत के कॉलोनी नंबर-3 में बुधवार को 50 बाढ़ प्रभावित पशुपालक परिवारों के बीच पशु चारा वितरित किया गया.
अंचल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराये गये चारे का वितरण पंचायत की मुखिया प्रतिनिधि फटीक सरकार के माध्यम से किया गया.
खेत डूबे तो मवेशियों के चारे का संकट बढ़ा
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पंचायत के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. बाढ़ का पानी खेतों और उन क्षेत्रों में भी फैल गया है, जहां से पशुपालक अपने मवेशियों के लिए चारा जुटाते हैं.
चारा वाले इलाके जलमग्न होने के कारण पशुपालकों के सामने मवेशियों को खिलाने की समस्या खड़ी हो गयी थी. प्रशासन की ओर से चारा उपलब्ध कराये जाने के बाद फिलहाल प्रभावित परिवारों को राहत मिली है.
50 परिवारों के बीच वितरित किया गया चारा
कॉलोनी नंबर-3 में आयोजित वितरण कार्यक्रम के दौरान 50 पशुपालक परिवारों को पशु चारा उपलब्ध कराया गया. बाढ़ के कारण परेशान पशुपालकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया.
ग्रामीणों ने बताया कि पानी भर जाने के कारण आसपास से मवेशियों के लिए चारा जुटाना काफी मुश्किल हो गया था. ऐसे में प्रशासन की ओर से चारा मिलने से तत्काल राहत मिली है.
जरूरत के अनुसार आगे भी मिलेगी मदद
सीओ मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के चारे की समस्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से चारा उपलब्ध कराया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार आगे भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा.
चारा मिलने के बाद पशुपालकों ने प्रशासन के प्रति आभार जताया. ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान मवेशियों की देखभाल बड़ी चुनौती बन गयी थी, लेकिन प्रशासन की पहल से फिलहाल चारे की व्यवस्था हो गयी है.
