38.23 लाख रुपये के 24 मोबाइल के साथ लखीसराय की महिला गिरफ्तार

तीनपहाड़ के किसी व्यक्ति को पहुंचाने थे फोन, साहिबगंज स्टेशन पर रेल पुलिस ने दबोचा

साहिबगंज. साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बैठी एक महिला को संदेह के आधार पर आरपीएफ द्वारा हिरासत में लिया गया. पूछताछ के लिए महिला को जब आरपीएफ पोस्ट लाया गया और उसके पास मौजूद झोले की तलाशी ली गई, तो सभी की आंखें फटी की फटी रह गईं. झोले से कुल 24 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 38,23,502 रुपये आंकी गई है. इसके तुरंत बाद बिहार के लखीसराय निवासी महिला पनवा देवी को गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बताया जाता है कि उक्त महिला ट्रेन से सफर कर रही थी और रास्ते में उसे भूख लगी. वह कुछ खाने के लिए स्टेशन पर उतरी और इसी दौरान ट्रेन छूट गई. वह प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बैठी थी, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने आरपीएफ को गोपनीय सूचना दी. आरपीएफ की टीम ने बिना समय गंवाए महिला को धर-दबोचा और पूछताछ शुरू कर दी. इस गिरफ्तारी के बाद पूरे साहिबगंज और विशेषकर तीनपहाड़ क्षेत्र में सनसनी फैल गई. जीआरपी थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि इस मामले में थाना में कांड संख्या 22/2025 दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. पूछताछ में महिला ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह इन सभी मोबाइल फोनों को तीनपहाड़ के एक बड़े व्यवसायी तक पहुंचाने वाली थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुट गयी है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि पनवा देवी कितनी बार लखीसराय से तीनपहाड़ आ चुकी है और आखिर वह किन-किन लोगों के संपर्क में थी. आरपीएफ सूत्रों के अनुसार, यह कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो बड़े पैमाने पर चोरी के मोबाइल फोनों की तस्करी करता है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि महिला केवल मोबाइल तस्करी में लिप्त थी या फिर अन्य अवैध कारोबारों में भी उसकी संलिप्तता है. तीनपहाड़ में चोरी के मोबाइल के एक सरगना का नाम सामने आ चुका है और पुलिस उससे संबंधित तमाम बिंदुओं पर गहराई से काम कर रही है.

महिला को बचाने की खूब हुई पैरवी, पर एक न चली

महिला की गिरफ्तारी की खबर जंगल में आग की तरह तीनपहाड़ में फैल गई. कुछ स्थानीय बिचौलियों ने महिला को बचाने की भरपूर कोशिश की और साहिबगंज स्टेशन पर पहुंच कर पैरवी भी की, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली. बताया जा रहा है कि इस मामले में जिस गुप्त सूत्र ने सूचना दी, उसी के चलते सारा मामला पुलिस के हाथ लग गया. यह मामला पूरे दिन साहिबगंज स्टेशन परिसर, चौक-चौराहों और चाय दुकानों पर चर्चा का विषय बना रहा. लोगों का कहना था कि यह मोबाइल खेप महाराष्ट्र के पुणे से चली थी, क्योंकि इस क्षेत्र के कई युवक पुणे, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में चोरी के मोबाइल कारोबार से जुड़े हुए हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच और संभावित छापेमारी की तैयारी कर रही है.

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Published by: Abdhesh singh

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