साहिबगंज. जिले के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने तथा बाल संरक्षण सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन (डीसीपीयू एवं रेलवे), सामाजिक कार्यकर्ता, बाल गृह, जिला समन्वयक सी-3 सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए सभी इकाइयों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रत्येक जरूरतमंद एवं पात्र बच्चे तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए गए. रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को बरहरवा रेलवे स्टेशन पर नियमित निगरानी रखने तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया. साथ ही बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रत्येक मामले के साथ काउंसलिंग पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करने का निर्देश दिया गया.
चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मियों को उनके दायित्वों की जानकारी देते हुए बच्चों के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देने, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया. प्रायोजन योजना की समीक्षा के दौरान इसके व्यापक प्रचार-प्रसार, अधिक से अधिक पात्र बच्चों को योजना से जोड़ने तथा तीन वर्ष की लाभ अवधि के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए. पात्र बच्चों की पहचान, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और बाल कल्याण समिति के माध्यम से लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया गया.
बैठक में सभी संबंधित कर्मियों को विस्तृत केस स्टडी तैयार करने, अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण करने तथा प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अंत में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि बाल संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने सभी विभागों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा संरक्षण, शिक्षा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे.
