सड़क जर्जर व जलजमाव से कब मिलेगी मुक्ति, बंद पड़ी जलापूर्ति योजना कब होगी शुरू

कोटालपोखर बाजार के लोगों ने प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में अपनी समस्याओं रखीं

बरहरवा. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के तहत प्रखंड क्षेत्र के कोटालपोखर मुख्य बाजार के लोगों ने अपनी समस्याएं प्रभात खबर से साझा की. बताया कि बाजार में चौक से लेकर रेलवे फाटक तक की सड़क जर्जर हो चुकी है. स्कूल, अस्पताल, मस्जिद व मंदिर जाने में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जर्जर सड़क में जलजमाव होता है. जिस कारण छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी होती रहती है. वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से कोटालपोखर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के लिए 5 लाख लीटर का बनाया गया पानी टंकी शोभा की वस्तु बना हुआ है. पूरे बाजार में पाइप तो बिछाया गया और वाटर सप्लाई भी चालू हुआ लेकिन यह जलापूर्ति योजना कुछ दिनों से बंद पड़ी है. जिस कारण लोगों को शुद्ध पेयजल भी नहीं प्राप्त हो रहा है. पानी टंकी में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि हम लोगों को दैनिक मजदूरी नहीं प्राप्त हो रहा है इसलिए हम लोग काम नहीं करेंगे. इसे लेकर विभाग को भी कई बार शिकायत की गयी लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कोटालपोखर बाजार क्षेत्र में हल्की सी बारिश होने के बाद बिजली में तुरंत फ़ॉल्ट हो जाता है और जब विद्युत मिस्त्री को फोन कर बिजली संबंधित शिकायत की जाती है तो उनसे संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है. प्रत्येक दिन 5 से 6 घंटा लोड शेडिंग और फ़ॉल्ट के नाम पर बिजली काट दी जाती है. वहीं बाजार में कई स्थानों पर नाला बनाया गया लेकिन वह नाला टूटकर ध्वस्त हो गया. कोटालपोखर बाजार थाना रोड के दूधिजोल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का घोर अभाव है. यहां पर समुचित इलाज नहीं हो पता है. जब भी कोई मरीज वहाँ पहुंचता है तो सिर्फ प्राथमिक इलाज ही होता है. हर बार बेहतर इलाज के लिए मरीजों को यहां से रेफर ही कर दिया जाता है, क्योंकि यहां पर सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. 15 रुपये प्रति जार खरीद कर पीते हैं कुएं का पानी कोटालपोखर बाजार के अधिकांश लोग यहां मस्जिद कुआं के नाम से प्रचलित कुएं का पानी पीते हैं. कई लोग तो सुबह-सुबह अपने घर से बड़े-बड़े जार व बर्तन लेकर पहुंचते हैं और पानी निकाल कर ले जाते हैं तो वहीं स्थानीय कुछ लोग ठेला में लादकर कोटालपोखर बाजार में 15 रुपया प्रति जार के हिसाब से पानी बेचते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि जलापूर्ति योजना तो अक्सर बंद रहती है. हम लोग कई वर्षों से कुएं का पानी पीते आ रहे हैं. रेल फाटक जाम की समस्या से परेशान हैं यहां के लोग कोटालपोखर बाजार रेलवे फाटक होकर दो भागों में बंटता है. अगर गांधी मोहल्ला, जीवनपुर के लोगों को पाकुड़-बरहरवा या साहेबगंज जिला मुख्यालय जाना है तो इस फाटक के संकट से होकर गुजरना पड़ता है. कई बार अप-डाउन लगातार दो-तीन ट्रेनें गुजरती है तो घंटों रेल फाटक बंद हो जाता है. इस कारण लोग सड़क जाम में फंस जाते हैं और लोगों को काफी परेशानी होती है और तय समय पर लोग अपने गंतव्य स्थान पर नहीं पहुंच पाते हैं. वही, गणि चौक, शांति मोड़ के तरफ के लोगों को थाना या अस्पताल जाना पड़ता है तो इसी रेल फाटक से गुजरना पड़ता है. यहां अगर फाटक बंद मिला तो उन्हें भी काफी इंतजार करना पड़ता है क्योंकि इस रास्ते के अलावा कोई दूसरा विकल्प लोगों के पास नहीं है. स्थानीय लोगों ने एक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर फ्लाई ओवर बनाने की भी मांग की है लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो पाया है. कोटालपोखर को प्रखंड बनाने की वर्षों पुरानी मांग अब तक नहीं हुई पूरी बरहरवा प्रखंड से 10 पंचायतों को अलग कर कोटालपोखर को प्रखंड सह अंचल बनाने की मांग करीब 40 वर्ष से अधिक समय से की जा रही है लेकिन पूरी नहीं हो सकी है. स्थानीय लोग कहते हैं कि कोटालपोखर अगर प्रखंड बन जाता या हम लोगों को पाकुड़ जिला में शामिल कर दिया जाता है तो हम लोगों का विकास ज्यादा होता क्योंकि प्रखंड मुख्यालय जब यहां रहता तो यहां पर अधिकारियों का आवागमन रहता और अलग से बजट का प्रावधान भी रहता लेकिन प्रखंड बनाने की मांग अब तक अधूरी ही रह गयी. लोग कहते हैं कि जब कोटालपोखर प्रखंड नहीं बन रहा है तो हम लोगों को पाकुड़ जिला मुख्यालय जो कि मात्र 12 किलोमीटर ही दूर है, में शामिल कर दिया जाय तो काफी सुविधा होगी. हम लोगों का अभी जिला मुख्यालय साहिबगंज पड़ता है, जो यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर है. हम लोग जिला मुख्यालय के सबसे अंतिम छोर में बसे हैं. यहां पर सुविधाओं का घोर अभाव है.

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Published by: Abdhesh singh

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