साहिबगंज में 82% हुई धनरोपनी, बाढ़ में फसल डूबने से चिंतित किसान

रोपनी का प्रतिशत और भी बढ़ने की उम्मीद

साहिबगंज. जिले में मानसून का विशेष असर देखा गया और लगातार बारिश हुई, जिस कारण अब तक जिले में 82 प्रतिशत धान रोपनी करने में किसान कामयाब रहे. जबकि 31 अगस्त तक मानसून की संभावना है. बारिश होने की भी उम्मीद बताई जा रही है. इसलिए धान की रोपनी का प्रतिशत और भी बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, गंगा नदी की बढ़ती जलधारा कई जगहों पर किसानों के खेतों में बाढ़ का प्रवेश कर गयी है, जिससे काफी नुकसान का अनुमान लगाया जा सकता है. स्थानीय किसानों की मानें तो अब तक लगभग 500 एकड़ पूरे जिले में बाढ़ से प्रभावित हो रहा है, जो सीधा किसानों को नुकसान पहुंचाएगा. वहीं कृषि विभाग की मानें तो वर्ष 2024-25 में खरीफ फसल के लक्ष्�� एवं अच्छादन को लेकर बताया गया है कि धान का लक्ष्य 49000 हेक्टेयर था, जिसमें 40061 हेक्टेयर का अच्छादन हुआ है. मक्का का लक्ष्य 15000 हेक्टेयर था, जिसमें 13177 हेक्टेयर का अच्छादन हुआ है. दलहन का लक्ष्य 19300 हेक्टेयर था, जिसमें 1122 हेक्टेयर का अच्छादन हुआ है. तिलहन में 1140 हेक्टेयर में से 179 हेक्टेयर का अच्छादन हुआ है. मोटे अनाज का लक्ष्य 2500 हेक्टेयर था, जिसमें 423 हेक्टेयर का अच्छादन हो चुका है. कुल लक्ष्य 86940 हेक्टेयर के आलोक में 54962 हेक्टेयर का अच्छादन प्राप्त हुआ है. इसलिए कुल मिलाकर 82 प्रतिशत खरीफ फसल का अच्छादन हो चुका है. क्या कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी साहिबगंज जिले में कम बारिश होने के बावजूद, किसानों ने खरीफ फसल की खेती में कोई कसर नहीं छोड़ी है. लक्ष्य के अनुरूप 82 प्रतिशत खेती हो चुकी है, जिससे स्पष्ट है कि साहिबगंज जिले में बेहतर खेती हो रही है और किसान इस वर्ष लाभान्वित होंगे. प्रमोद कुमार एक्का, जिला कृषि पदाधिकारी, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >