साहिबगंज.
शहर के नॉर्थ कॉलोनी में रेलवे की जमीन पर वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे 20 लोगों को घर से बाहर किया गया. झुग्गी-झोपड़ी व जर्जर क्वार्टर को जेसीबी से तोड़कर एईएन वेदव्यास की देखरेख में हटाया गया. बुधवार को रेलवे प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए झुग्गी-झोपड़ी को हटाकर अतिक्रमणमुक्त कर दिया. हालांकि इन लोगों को कई बार रेलवे प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया था. नहीं हटने पर कार्रवाई की गयी. वहीं बसे लगभग 20 झुग्गी-झोपड़ी को जेसीबी के माध्यम से हटाया गया. वहीं कई वर्षों से रह रही दया देवी, मंगल मल्लिक, सूरज हरि, अजय मल्लिक, कलकतिया देवी, टिंकू मल्लिक, भुटी देवी सहित अन्य ने बताया कि बरसात के दिनों में हम लोग कहां जाएंगे. आफत का पहाड़ टूट गया है. गरीब को कोई देखने वाला नहीं है. कहते-कहते टूटे मन से अपने बिखरे सामान को उठाने लगे. उन लोगों ने कहा कि हम लोग बरसों से यहां बिना बिजली-पानी के किसी तरह जीवन गुजार रहे थे. छोटी-मोटी मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. उतना पैसा नहीं है कि रूम भाड़ा पर ले सकें. कोई भी सरकार या प्रशासन देखने वाला नहीं है. छोटे-छोटे बच्चे हैं, इन लोगों को लेकर कहां जाएंगे. कौन हमें सहारा देगा. यह कहकर रोने लगी. वहीं बेघर परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि कहीं भी हम गरीब लोगों को आशियाना मुहैया कराए. कार्रवाई के दौरान रेलवे के कई अधिकारी व आरपीएफ के जवान मौजूद थे. वहीं एईएन वेदव्यास ने बताया कि रेलवे की जमीन पर रह रहे लोगों को पूर्व में भी नोटिस जारी कर हटाने को कहा था. रेलवे के अनुसार रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को हटाने का कार्य किया जा रहा है. जहां भी रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर रह रहे हैं, उन्हें मुक्त कराया जाएगा. मौके पर आरपीएफ के पदाधिकारी व महिला व पुरुष जवान उपस्थित थे.
नगरपालिका को उठाना था उचित कदम : जयप्रकाश सिन्हा साहिबगंज. पूर्व वार्ड पार्षद जयप्रकाश सिन्हा ने उक्त स्थल का निरीक्षण किया. कहा कि रेलवे ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है. आज रेलवे में आरपीएफ के साथ संयुक्त नेतृत्व में घरों को ध्वस्त कर बेघर कर दिया गया. कई वर्षों से नगर परिषद का इधर कोई ध्यान नहीं रहने के कारण गरीब बेघर रहते हुए इधर से उधर भटकते रहे हैं. पिछले 10 वर्षों से नगर परिषद सिर्फ जगह तलाशने मैं लगी है. आज तक निर्णय तक नहीं पहुंच पायी है, जिससे बीपीएल परिवार को बसाने की दिशा में कार्रवाई हो सके. न्यायालय की गुहार लगायी है.