चंडीपुर गांव में नहीं पहुंची बिजली, ग्रामीण कर रहे हैं इंतजार

वार्ड नंबर तीन के 30 परिवार मूलभूत सुविधाओं से हैं वंचित, लालटेन और ढिबरी युग में जी रहे लोग

राजमहल/मंगलहाट. राजमहल प्रखंड क्षेत्र के मोकिमपुर पंचायत के चंडीपुर गांव के वार्ड नंबर 3 के एक चौथाई लगभग 30 परिवार का गांव है. ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. यहां के लोग अब भी लालटेन और ढिबरी के युग में जीने को विवश हैं. हाल के दिनों में सड़क चौड़ीकरण में घर टूटने के बाद इस गांव में दो-तीन लोगों ने विद्युत कनेक्शन लिया है. परंतु अब तक पोल और बिजली कनेक्शन ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं कराया गया. मजबूरी में ग्रामीणों ने बांस के सहारे लगभग 200 मीटर तक अपनी पतली तारों से बिजली कनेक्शन पहुंचायी है. वह दो-तीन घर के बाद सभी घरों में अंधेरा छाया हुआ रहता है. विभाग एवं क्षेत्र जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत करने के पश्चात भी विभाग के अधिकारियों द्वारा कई सालों से लगभग दर्जनों बार निरीक्षण किया जा चुका है. पिछले दो-तीन बार से विद्युत विभाग के निरीक्षण करने के दौरान लगभग सभी ग्रामीणों से आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज भी लेकर चले जाते हैं. बिजली नहीं पहुंचने से लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं. गांव के चारों तरफ खेती से घिरा हुआ है, लेकिन यहां के लोगों को जीवनयापन करने के लिए मूलभूत सुविधाएं अभी तक सरकार मुहैया कराने में असफल रही है. बिजली नहीं होने के कारण लोग अंधेरे में गुजर बसर कर रहे है. स्थानीय ग्रामीण में मानकी बेवा, लौटिका डेबी, प्रीति देवी, शंकर रजक, दुलाल मंडल, सर्जनि डेबी, सदानंद रजक, राम मंडल, चानो बेवा, अर्चना देवी, रीना देवी, ममता देवी, जोनी देवी, संजो देवी ने बताया कि बिजली की व्यवस्था हो जाती तो खेती किसानी करने में भी हमलोगों को आसानी होती.यहां बहुत समस्या है. रात को हमें अंधेरे में सोना पड़ता है. हमेशा सांप और बिच्छू के काटने का खतरा बना रहता है. दो माह के बाद गांव टापू में होगा तब्दील मानसून का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं. बढ़ती गर्मी और तपिश के बीच मानसून की बूंदे लोगों को काफी राहत देती है. लेकिन चंडीपुर गांव का एक चौथाई हिस्सा मानसून के दस्तक देते ही यहां की समस्या बढ़ जाती है. शुरुआती दिनों में किसी तरह लोगों का गुजर-बसर तो हो जाता है, लेकिन भारी बारिश से उक्त गांव टापू में तब्दील हो जाता है. इसके बाद चार माह तक आवागमन की समस्या झेलना इन गांव के लोगों की नियति बन जाती है. बाढ़ व बरसात का पानी चारों तरफ से घिर जाएगा और लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाएगा. इन दिनों इसका सबसे बड़ा नुक़सान बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ता है. विद्यार्थी टीन के नाव के सहारे विद्यालय जाते हैं. ऐसे में अविभाभकों के मन में अप्रिय घटना घटित होने का डर बना रहता है. क्या कहते हैं सहायक अभियंता सरकार की दो योजना चल रही है. दोनों योजना के तहत अन्यथा सर्वे कर गांव में बहुत जल्द बिजली पहुंचाई जाएगी. ज्ञानचंद, सहायक अभियंता, राजमहल.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ABDHESH SINGH

ABDHESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >