गंगा कटाव के कारण जमीन के साथ नदी में समा गये घर, गुजर-बसर करना हो गया है मुश्किल

राजमहल क्षेत्र के गदाई दियारा के लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं से कराया अवगत

तालझारी. तालझारी प्रखंड के राजमहल क्षेत्र के गदाई दियारा में प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में गांव के दर्जनों बुद्धिजीवियों ने भाग लिया और गांव की सबसे बड़ी समस्या गंगा कटाव और इससे प्रभावित हुए घरों पर चर्चा की. खासकर, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किए जा रहे सर्वेक्षण को लेकर ग्रामीणों ने अपनी चिंताएं साझा कीं. ग्रामीणों के अनुसार, गदाई दियारा पंचायत में लगभग 14 टोले हैं, जिनमें पहले करीब 800 घर थे. वर्ष 2008 के बाद से गंगा के कटाव के कारण अब तक लगभग 300 घर नदी में समा चुके हैं. कटाव से प्रभावित परिवार वर्तमान में तालझारी प्रखंड के बांसकोला, मीना बाजार, महाराजपुर और महाराजपुर भट्टा क्षेत्रों में जमीन लेकर गुजर-बसर कर रहे हैं. सर्वे वाली जमीन पर पीएम आवास बनने से घरों को खतरा ग्रामीणों ने चिंता जतायी कि पीएम आवास योजना के तहत जो सर्वेक्षण गदाई दियारा में किया जा रहा है, अगर उसी जमीन पर दोबारा घर बनाये गये, तो गंगा कटाव की वजह से फिर से उनके घर खतरे में पड़ सकते हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें स्थायी राहत नहीं देगा. इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वेक्षण तालझारी प्रखंड क्षेत्र की जमीन पर ही किया जाये, ताकि कटाव के खतरे से बचते हुए उन्हें स्थायी आवास मिल सके. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर विशेष ध्यान देकर जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की, ताकि गंगा कटाव के कारण विस्थापित परिवारों को सुरक्षित और स्थायी जीवन मिल सके.

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By Prabhat Khabar News Desk

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