मंगलहाट. राजमहल प्रखंड क्षेत्र के महासिंगपुर पंचायत के भैंसमारी (कूकरडूबा) गांव में सोमवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस छोटे से गांव में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी देखी गई, जिससे ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गांव में लगभग 20 परिवार निवास करते हैं, लेकिन 70 से अधिक की आबादी के बावजूद पेयजल की कोई उचित सुविधा उपलब्ध नहीं है. यहां केवल एक चापाकल है, जो कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. सरकारी विद्यालय के सामने लगे तीन चापाकलों में से भी केवल एक ही ठीक से काम करता है, जबकि बाकी पूरी तरह खराब हैं. गांव में सोलर लाइट जलमीनार भी लगाया गया था, लेकिन वह भी लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है. ‘हर घर जल नल’ योजना से भी यह गांव अभी तक वंचित है. गांव तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है. बरसात के मौसम में कच्ची पगडंडी कीचड़ से भर जाती है, जिससे गांव के लोगों, खासकर स्कूली बच्चों और बीमार व्यक्तियों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है. ग्रामीणों ने कई बार सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. पहली से आठवीं तक पढ़ाने के लिए तीन ही शिक्षक गांव में शिक्षा की स्थिति भी दयनीय है. सरकारी विद्यालय में केवल तीन शिक्षक हैं, जो पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं. शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. आंगनबाड़ी केंद्र तो है, लेकिन उसका खुद का भवन नहीं है, जिस कारण विद्यालय की एक कक्षा में ही आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधा के लिए ग्रामीणों को दूर के स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है. रोजगार की कमी और पलायन की मजबूरी गांव में रोजगार के अवसर नगण्य हैं. इस कारण यहां के पुरुष व युवक रोजगार की तलाश में प्रदेशों की ओर पलायन कर गए हैं और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. जन वितरण प्रणाली में अनियमितता के लग रहे आरोप ग्रामीणों ने बताया कि जन वितरण प्रणाली की दुकान से राशन वितरण में गड़बड़ी की जा रही है. कार्डधारकों को हर महीने कम राशन दिया जाता है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. आवास योजना में बिचौलियों का खेल ग्रामीणों के अनुसार, कई पात्र लोग आज भी बिना घर के रह रहे हैं, जबकि उनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में दर्ज हैं. लेकिन, बिचौलियों के प्रभाव के कारण आवास उन्हीं लोगों को मिल रहा है, जो इनके कहने पर मोटी रकम चुकाने को तैयार होते हैं. सिंचाई की गंभीर समस्या : गांव में सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है. जब लोगों को खुद पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा, तो फसल के लिए जल की उपलब्धता कैसे होगी? ग्रामीणों ने बताया कि वे तालाब के पानी से अपनी जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं. समस्याओं के तत्काल समाधान की जरूरत पेयजल संकट, शिक्षा, सड़क, सिंचाई और रोजगार जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है. प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से इन स्थानीय मुद्दों को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण होगा और भैंसमारी गांव के निवासियों को राहत मिलेगी.
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