20 हजार आवेदन पत्र व डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारीपेंशन घोटाला के दोनों आरोपितों को जेल

पूरे जिले में पेंशन योजनाओं की होगी समीक्षा

साहिबगंज साहिबगंज जिले के बोरियो और बरहेट प्रखंड में सामने आये कथित पेंशन घोटाला मामले में गिरफ्तार दोनों कंप्यूटर ऑपरेटरों को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. एक दिन पूर्व पुलिस ने बोरियो प्रखंड के शशि कुमार उर्फ मुन्ना तथा बरहेट प्रखंड के राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था. दोनों के विरुद्ध दर्ज मामलों में पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि बोरियो एवं बरहेट के बीडीओ की शिकायत पर दोनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. बोरियो थाना कांड संख्या 48/26 तथा बरहेट थाना कांड संख्या 71/26 के तहत मामले की जांच जारी है. आवश्यकता पड़ने पर आगे पुलिस रिमांड की प्रक्रिया भी अपनायी जा सकती है. डिजिटल डेटा का मिलान कर अनियमितता का आकलन मामले की जांच के क्रम में जिला प्रशासन द्वारा बोरियो प्रखंड कार्यालय से जब्त किये गये लगभग 20 हजार आवेदन पत्र, कंप्यूटर, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच जारी है. अधिकारियों की टीम दस्तावेजों एवं डिजिटल डेटा का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितता का दायरा कितना व्यापक है. जानकारी के अनुसार, जब्ती की कार्रवाई देर रात तक चली थी और सभी अभिलेखों को सुरक्षित रखकर उनकी जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रही हैं. पेंशन भुगतान रुका, लाभुकों की बढ़ी चिंता कथित घोटाले की जांच के बीच जिले के हजारों वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशनधारियों की चिंता बढ़ गयी है. शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पेंशन भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी है. डीसी के निर्देश पर डीडीसी सतीश चंद्रा के नेतृत्व में गठित एसआइटी पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है. लाभुकों के बीच यह जानने की उत्सुकता है कि जांच पूरी होने के बाद पेंशन भुगतान कब पुनः शुरू होगा. बोरियो और बरहेट में सामने आये मामले के बाद जिला प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए जिले के सभी प्रखंडों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, लाभुकों के आवेदन पत्र, बैंक खाते, भुगतान अभिलेख एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. आवश्यकता पड़ने पर लाभुकों का भौतिक सत्यापन भी कराया जा सकता है. जांच टीम यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि केवल पात्र व्यक्तियों को ही पेंशन का लाभ मिल रहा है और किसी प्रकार की फर्जी प्रविष्टि या अनियमितता न हो. कई और लोगों की भूमिका की भी होगी जांच सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं. जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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Author: ABDHESH SINGH

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