चुड़का लगा कर पार्क निर्माण कार्य को कराया बंद

बीएसए महिला कॉलेज के पास वन विभाग के कार्य का रैयतों ने किया विरोध

पतना. अंचल क्षेत्र अंतर्गत बीएसए महिला कॉलेज के पास मयूरझूठी मौजा में वन विभाग द्वारा निर्माणाधीन इकोटूरिज्म पार्क (नगर वन) की चहारदीवारी निर्माण कार्य को मयूरझुठी गांव के दर्जनों गामीणों ने गुरुवार को ग्राम प्रधान बेरोनिका मरांडी के नेतृत्व में बंद करा दिया. वन अधिकार समिति के अध्यक्ष मनोज टुडू, निकोलस टुडू, रफाएल मुर्मू, अगेश मुर्मू, सुशील मुर्मू, दाउद मुर्मू, बड़का टुडू, फिलीप हांसदा, भगत हांसदा, बड़ा राम टुडू, मुंशी हांसदा, सुरूज टुडू समेत दर्जनों रैयतों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर चुड़का लगा दिया. ग्रामीणों को वन विभाग के कर्मियों ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया. पर ग्रामीण नहीं माने और कार्य बंद करवा दिया. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पतना प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर पतना अंचलाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी के नाम आवेदन सौंपा. आवेदन के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि वे सभी मौजा धरमपुर के सोलह आना आदिवासी रैयत हैं. उनलोगों को भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय द्वारा मौजा धरमपुर के थाना नंबर 38, खाता नंबर 41, दाग नंबर 17, रकवा 52 बीघा 18 कट्टा 15 धूर वनभूमि का सामुदायिक वन पट्टा प्राप्त है. इसके तहत सामुदायिक वन अधिकार पट्टा द्वारा ग्राम सभा को जंगल की देखभाल प्रबंधन एवं वनोपज आधार जीविकोपार्जन का अधिकार मिला है. पर विगत दो-तीन वर्षों से वन विभाग पतना द्वारा जमीन पर इकोटूरिज्म पार्क का निर्माण किया जा रहा है. घेराबंदी की गयी है. सहमति ग्राम सभा द्वारा नहीं ली गयी है. घेराबंदी व निर्माण कार्य से ग्रामीणों को मिले वन अधिकार का हनन हो रहा है. उन्हें परंपरागत वन क्षेत्र से बेदखल किया जा रहा है. गेंजर सर्वे सेटलमेंट के समय से ही है रैयतों का दखल ग्रामीणों ने कहा कि वन भूमि गेंजर सर्वे सेटलमेंट के समय से ही सोलह आना रैयत के दखल भोग एवं संरक्षण में चल रहा है. वर्तमान समय में भूमि पर 25 महुआ सहित कई प्रकार के पेड़ हैं, जिससे आदिवासियों के जीविकोपार्जन के साथ-साथ धार्मिक संस्कृति भी जुड़ी है. ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी से जांच करने की मांग की है. इधर, वन विभाग के द्वारा भी पतना अंचलाधिकारी को कुछ दिन पूर्व लिखित शिकायत कर वन भूमि में नगर वन की घेराबंदी कार्य को ग्रामीणों द्वारा बंद करवाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गयी है. अंचलाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी ने कहा कि वन विभाग व ग्रामीणों के द्वारा लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है. जांच की जा रही है.

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Published by: Abdhesh singh

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