साहिबगंज/ बरहेट/बोरियो जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में हुए करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े की जांच अब और गहराती जा रही है. एसआईटी और जिला पुलिस लगातार दूसरे दिन भी बरहेट एवं बोरियो थाना में अलग-अलग स्तर पर पूछताछ करती रही. जांच टीम का फोकस यह जानने पर है कि फर्जी लाभुकों को पेंशन स्वीकृति किस प्रक्रिया से मिली, इसमें किन-किन स्तरों पर लापरवाही या मिलीभगत हुई और पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका रही. बरहेट थाना में आमने-सामने बैठाकर चार घंटे पूछताछ बरहेट थाना में दूसरे दिन पंचायत सचिव और कंप्यूटर ऑपरेटर को करीब चार घंटे तक आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई. पुलिस ने दोनों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के आवेदन, सत्यापन, स्वीकृति और लाभुकों के चयन की पूरी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी ली. पूछताछ के दौरान पात्र और अपात्र लाभुकों को पेंशन स्वीकृत होने के कारण, सत्यापन की प्रक्रिया तथा फाइलों के निष्पादन से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल किए गए. बताया जा रहा है कि कुछ मामलों में पंचायत सचिव और कंप्यूटर ऑपरेटर के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं. इन विरोधाभासी बयानों का मिलान उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड से किया जा रहा है. इसके अलावा अन्य पंचायत सचिवों से भी अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं. देर शाम तक पूछताछ का सिलसिला जारी रहा. बोरियो में एसडीपीओ ने खुद संभाली जांच की कमान इधर बोरियो थाना में रिमांड पर लिए गए कंप्यूटर ऑपरेटर शशि कुमार मुन्ना से राजमहल एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी ने स्वयं करीब 45 मिनट तक गहन पूछताछ की. पूछताछ के बाद एसडीपीओ ने थाना प्रभारी रोहित कुमार को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जांच में तेजी लाने को कहा. पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की भनक लगने के बाद कई संदिग्ध क्षेत्र छोड़कर फरार हो गए हैं. अधिकारियों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद फर्जीवाड़े के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं. संपत्ति और आय के स्रोत भी जांच के दायरे में जांच टीम अब कंप्यूटर ऑपरेटर की आर्थिक स्थिति की भी गहन पड़ताल कर रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि नौकरी मिलने से पहले और वर्तमान समय में उसकी आर्थिक स्थिति में कितना बदलाव आया है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित अवैध कमाई से कहीं जमीन, मकान या अन्य चल-अचल संपत्तियां तो अर्जित नहीं की गई हैं. इसके लिए बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा रहा है. फिलहाल बरहेट और बोरियो दोनों थाना क्षेत्रों में जांच टीमें तेजी से आगे बढ़ रही हैं. पुलिस दस्तावेजी साक्ष्यों, पूछताछ और तकनीकी तथ्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
पंचायत सचिव व कंप्यूटर ऑपरेटर के बयान में विरोधाभास, उपलब्ध दस्तावेजों के मिलाने से सामने आयेगा सच
बरहेट व बोरियो में दूसरे दिन भी मैराथन पूछताछ, बिचौलियों की तलाश तेज, संपत्ति और आय की हो रही जांच

साहिबगंज (फाइल फोटो)