पुराने प्रस्ताव ठंडे बस्ते में,पतना में पंचायत समिति सदस्यों ने नए प्रस्ताव लेने से किया इनकार

पतना प्रखंड कार्यालय में पंचायत समिति की बैठक में सदस्यों ने पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई न होने और अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जमकर नाराजगी जताई.

प्रतिनिधि, पतना: प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार कक्ष में मंगलवार को पंचायत समिति कार्यान्वयन समिति की बैठक प्रखंड प्रमुख छीता बास्की की अध्यक्षता में हुई. बैठक में पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर पंचायत समिति सदस्यों ने जमकर नाराजगी जतायी.

सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब पिछली बैठकों में लिये गये प्रस्तावों पर ही कार्रवाई नहीं होती, तो बार-बार नये प्रस्ताव लेने का क्या औचित्य है. नाराज सदस्यों ने इस बार नये प्रस्ताव लेने से ही इनकार कर दिया.

पुराने प्रस्तावों की कार्रवाई रिपोर्ट नहीं मिलने से नाराजगी

पंचायत समिति की पिछली बैठक 30 जुलाई 2025 को हुई थी. सदस्यों के अनुसार, उस बैठक में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर कई प्रस्ताव लिये गये थे.

लेकिन अगली बैठक तक उन प्रस्तावों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सदस्यों को नहीं दी गयी. इसे लेकर सदस्यों ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जतायी.

सदस्यों का कहना था कि जनता की समस्याओं को पंचायत समिति की बैठक में उठाने के बाद समाधान के लिए प्रस्ताव पारित किया जाता है, लेकिन प्रस्ताव के बाद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होती.

कई विभागों के अधिकारी बैठक से रहे नदारद

बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति ने भी सदस्यों की नाराजगी बढ़ा दी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग और कल्याण विभाग समेत कई संबंधित विभागों के पदाधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हुए.

अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण पिछली बैठक में लिये गये प्रस्तावों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी समीक्षा नहीं हो सकी.

सदस्यों ने कहा- बैठक सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गयी

पंचायत समिति सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचती है. जनप्रतिनिधि उन समस्याओं को पंचायत समिति की बैठक में उठाते हैं और समाधान के लिए प्रस्ताव पारित कराया जाता है.

लेकिन प्रस्ताव पारित होने के बाद उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी तक नहीं मिलती. ऐसे में पंचायत समिति की बैठकें सिर्फ प्रस्ताव लेने की औपचारिकता बनकर रह गयी हैं.

उप प्रमुख बोले- प्रस्ताव के बाद कार्रवाई नहीं होती

उप प्रमुख जितेंद्र यादव ने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें चुना है. जनता की समस्याओं को बैठक में उठाना और उनके समाधान के लिए प्रस्ताव देना उनकी जिम्मेदारी है.

उन्होंने कहा कि शिकायत से प्रस्ताव तक की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, लेकिन प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्रवाई नहीं होती. ऐसे में जब पुराने प्रस्तावों पर चर्चा और कार्रवाई नहीं होगी, तो नये प्रस्ताव लेने का कोई मतलब नहीं है.

बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में बीडीओ कुमार देवेश द्विवेदी, उप प्रमुख जितेंद्र यादव, पंसस राजेश यादव, पंसस सिन्टू हांसदा, मनरेगा बीपीओ मनीष कुमार समेत अन्य उपस्थित रहे.

वहीं कई विभागों के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण बैठक में लिये गये पुराने प्रस्तावों की प्रगति और जनहित के मुद्दों की विस्तृत समीक्षा नहीं हो सकी.

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लेखक के बारे में

By महेश कुमार ठाकुर

महेश कुमार ठाकुर सितंबर 2017 से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। वे साहिबगंज जिले के पतना प्रखंड से संवाददाता के रूप में कार्य करते हैं। अपराध, जनहित के मुद्दों और मुख्यमंत्री के क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों की तथ्यपरक एवं जमीनी रिपोर्टिंग उनकी विशेष पहचान है।

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