दवा दुकानदारों का देशव्यापी बंद आज, 540 दुकानें रहेंगी बंद

ऑनलाइन फार्मेसी व कॉर्पोरेट कंपनियों से मिल रहे डिस्काउंट के विरोध में खोला मोर्चा

साहिबगंज. देशभर के दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी और कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को देशव्यापी बंद का ऐलान किया गया है. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की साहिबगंज जिला इकाई के अध्यक्ष अनूप कुमार सिंह ने बताया कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और देश की दवा वितरण व्यवस्था को बचाने का सवाल है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिले के सभी 540 दवा व्यवसायी अपनी दुकानें बंद रखेंगे. जिला उपाध्यक्ष नवल कुमार मंडल ने कहा कि सरकार को इस पर तुरंत नियंत्रण लगाना चाहिए. जिला सचिव कृष्णा भगत ने कहा कि बिना उचित जांच के ऑनलाइन दवा बिक्री मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है. यह आंदोलन जनहित में किया जा रहा है. कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा कि रात 12 बजे से दूसरे दिन रात 12 बजे तक मेडिकल दुकानें बंद रहेंगी. इसके अलावा तौफिक हुसैन, वसीम अख्तर समेत अन्य सदस्यों ने अपील की कि सभी दवा दुकानदार इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. मौके पर अध्यक्ष अनूप सिंह, सचिव कृष्णा भगत, उपाध्यक्ष नवलकिशोर मंडल, कोषाध्यक्ष रंजीत कुमार, हासिम परवेज, मुश्ताक अहमद, अश्वनी भगत, तैयब हुसैन, वसीम अहमद, वसीम अंसारी सहित कई सदस्य उपस्थित थे. क्या कहते हैं सिविल सर्जन : साहिबगंज अस्पताल में जनऔषधि केंद्र खुला रहेगा. सभी डॉक्टर को जनऔषधि केंद्र से दवा लेने की बात कही है. साथ ही बेड घटना व इमरजेंसी में दवा डॉक्टर के लिखने पर मिलेगा. सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है. स्वास्थ्य विभाग नजर बनाये हुए है. – डॉ रामदेव पासवान, सीएस, साहिबगंज. क्या हैं मांगें : देशभर के लगभग 12.40 लाख केमिस्ट और दवा वितरक ई-फार्मेसी और कॉर्पोरेट डिस्काउंट के विरोध में बंद में शामिल होंगे. एआइओसीडी का कहना है कि अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, फर्जी प्रिस्क्रिप्शन और बिना सत्यापन दवाओं की सप्लाई से छोटे दवा व्यवसायियों की आजीविका प्रभावित हो रही है तथा जनस्वास्थ्य को खतरा बढ़ रहा है. संगठन ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की कमजोरी का फायदा उठाकर एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं का दुरुपयोग बढ़ा रहे हैं. एआईओसीडी ने सरकार से जीएसआर-220(ई) और जीएसआर-817(ई) अधिसूचनाएं वापस लेने तथा कॉर्पोरेट डीप डिस्काउंटिंग पर रोक लगाने की मांग की है.

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Author: RAKESH KUMAR

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