साहिबगंज में समय से पहले मानसून के संकेत, किसानों की बढ़ी उम्मीदें इमरान, साहिबगंज साहिबगंज जिले में इस वर्ष मानसून ने तय समय से पहले ही दस्तक के संकेत दे दिए हैं. मई माह में हुई असामान्य वर्षा ने मौसम के बदलते मिजाज के साथ कृषि व्यवस्था को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है. जिला वर्षापात प्रतिवेदन के अनुसार मई 2026 में अब तक जिले में 139.63 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस माह का सामान्य औसत वर्षापात केवल 75 मिलीमीटर माना जाता है. इस तरह जिले में अब तक सामान्य से करीब 86 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है. कई प्रखंडों में औसत से अधिक बारिश बारिश के आंकड़ों के अनुसार जिले के कई प्रखंडों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है. सबसे अधिक बारिश राजमहल में 185.4 मिमी हुई है. इसके अलावा उधवा में 177.8 मिमी, बरहेट में 175 मिमी, बोरियो में 160.4 मिमी और साहिबगंज सदर में 157.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं तालझारी में 98 मिमी और मंडरो में 76 मिमी वर्षा दर्ज हुई. 2, 5, 7, 10, 21 और 26 मई को जिले में भारी बारिश हुई, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है. किसानों में बढ़ी उम्मीद, धान खेती की तैयारी तेज समय से पहले हुई बारिश ने किसानों के बीच नई उम्मीद जगाई है. धान की खेती करने वाले किसान बिचड़ा तैयार करने और खेतों की जुताई में तेजी से जुट गए हैं. कृषि जानकारों का कहना है कि यदि जून और जुलाई में मानसून संतुलित बना रहा तो इस वर्ष धान उत्पादन बेहतर हो सकता है. समय से पहले पानी मिलने से डीजल पंप और सिंचाई लागत में भी कमी आने की संभावना है. तालाब, कुएं और अन्य जलस्रोतों में पानी जमा होने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल संकट कम हो सकता है. अत्यधिक बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता लगातार और अत्यधिक वर्षा किसानों के लिए परेशानी का कारण भी बन सकती है. मूंग, मक्का और सब्जी की खेती करने वाले किसानों को जलभराव का खतरा सताने लगा है. कई ग्रामीण इलाकों में खेतों की मेढ़ टूटने और मिट्टी कटाव की शिकायतें सामने आने लगी हैं. विशेष रूप से टमाटर, बैंगन, मिर्च और खीरा जैसी सब्जियों में सड़न और फफूंद रोग बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. जनजीवन पर भी दिखने लगा असर बारिश का असर अब जनजीवन पर भी दिखने लगा है. कच्ची सड़कों पर कीचड़ बढ़ गया है और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनने लगी है. हालांकि ग्रामीण मजदूरों और छोटे किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आया है, क्योंकि खेती-किसानी का काम समय से पहले शुरू होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं. मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने तथा मौसम की जानकारी के अनुसार खेती कार्य करने की सलाह दी है. जिले में समय से पहले सक्रिय हुआ मानसून अब आने वाले खरीफ सीजन की दिशा तय करेगा. क्या कहते हैं पदाधिकारी साहिबगंज – निश्चित रूप से समय से पहले मानसून का आना और मानसून के समय कम बारिश होने पर किसानों को काफी नुकसान का सामना उठाना पड़ सकता है. ऐसी सरकार ऐसे मामले को गंभीरता से लिए हैं और समय आने पर किसानों के हित में कार्य किया जायेगा. प्रमोद कुमार एक्का, डीएओ प्रखंड / क्षेत्र वर्षापात (मिमी) साहिबगंज- 157.2 बोरियो- 160.4 मंडरो- 76.0 बरहेट- 96.5 पतना- 130.4 बरहरवा- 175.0 राजमहल- 185.4 उधवा- 177.8 तालझारी- 98.0 जिला औसत 139.63 सामान्य वर्षापात 75.00 सामान्य से अधिक 186.18% प्रमुख तिथियों पर हुई वर्षा (जिला औसत) तिथि औसत वर्षापात (मिमी) 01 मई- 1.44 02 मई- 25.26 05 मई- 28.58 07 मई- 18.00 09 मई- 14.13 10 मई- 26.80 13 मई- 1.58 14 मई- 4.18 21 मई- 9.62 26 मई- 9.82 सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्र रैंक प्रखंड वर्षापात (मिमी) 1 राजमहल- 185.4 2 उधवा- 177.8 3 बरहरवा- 175.0 4 बोरियो – 160.4 5 साहिबगंज – 157.2 कम वर्षा वाले क्षेत्र प्रखंड वर्षापात (मिमी) मंडरो- 76.0 बरहेट- 96.5 तालझारी- 98.0
समय से पहले मानसून की दस्तक, मई में सामान्य से 86 प्रतिशत अधिक बारिश
साहिबगंज जिले में मई 2026 में सामान्य से 86% अधिक बारिश हुई है, जिससे मानसून समय से पहले सक्रिय हो गया है। राजमहल, उधवा, बरहरवा जैसे क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज हुई है। इससे किसानों की उम्मीदें बढ़ीं हैं और धान की खेती की तैयारी तेज हो गई है। जल स्रोत भी अच्छी तरह भर गए हैं। हालांकि, अत्यधिक बारिश से जलभराव, मिट्टी कटाव और फसल रोग का खतरा भी बढ़ा है। प्रशासन ने किसानों को जल निकासी व सावधानी बरतने की सलाह दी है।
