फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बात कर कबूतरखोपी में महिलाओं से पैसे की ठगी

अपने-अपने खाता बैंक जाकर चेक कराया, तो पाया तो किसी के खाते से 10000 किसी के खाते से 5000 तो किसी के खाते से 3400 के अलावा भी कुछ महिलाओं के खाते से पैसे कटने के लगे.

साहिबगंज. जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत कबूतरखोपी में फाइनेंस कंपनी से लोन दिलाने के नाम पर कई महिलाओं से पैसा ठगी कर लेने का मामला प्रकाश में आया है. इसको लेकर महिलाओं ने स्थानीय थाना में शिकायत भी दर्ज कराया है. बताया जाता है कि ब्याज पर 50000 या उससे अधिक के लोग दिलाने के नाम से खुद को कंपनी का अधिकारी बता कर तीन लोग कबूतर खोपी पहुंचे. उन्होंने महिलाओं से बातचीत कर बताया कि बिना किसी शर्त और परेशानी के तीन दिनों में अंदर आपके खाते में लोन के 50000 या उससे अधिक की राशि जमा कर दी जाएगी. आपको जरूरत के हिसाब से कुछ कागजात देने होंगे. इस मामले में गांव की रूबी देवी, सरिता देवी सहित अन्य महिलाओं ने अपने-अपने कागजात जमा कर दिये. कागजात में मुख्य रूप से पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासबुक, बैंक के कुछ अन्य कागजात के अलावा महिलाओं ने बायोमेट्रिक फिंगर पर अंगूठा भी रख कर सभी शर्तों को पूरा कर दिया. इधर दूसरे दिन अचानक से किसी महिला के खाते से पैसे कटने की बात सामने आयी. जब महिलाओं ने अपने-अपने खाता बैंक जाकर चेक कराया, तो पाया तो किसी के खाते से 10000 किसी के खाते से 5000 तो किसी के खाते से 3400 के अलावा भी कुछ महिलाओं के खाते से पैसे कटने के लगे. इससे आसपास इलाके में हड़कंप मच गया. लोगों को इस बात का पता चल गया था कि कुछ लोगों ने खुद को लोन फाइनेंस कंपनी का फर्जी अधिकारी बात कर पैसे ठग लिये हैं. इस मामले में महिलाओं ने स्थानीय थाना में शिकायत भी दर्ज कराया है. बताया जा रहा है के मामले की शिकायत के बाद पुलिस अनुसंधान में जुड़ गयी है. महिलाओं को जिस जगह पर कंपनी होने के बाद बतायी गयी. पुलिस उस जगह पर भी छानबीन की है. लेकिन किसी भी कंपनी होने की पुष्टि नहीं की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >