प्रतिनिधि, फरक्का : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण समशेरगंज प्रखंड के गंगा तटवर्ती गांवों में बाढ़ और गंगा कटाव का खतरा बढ़ गया है. नदी का पानी गांवों में प्रवेश करने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. गंगा कटाव और जमीन के डूबने की आशंका के बीच प्रभावित परिवारों की रातों की नींद हराम हो गयी है.
घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे परिवार
बाढ़ और कटाव की स्थिति को देखते हुये कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों और स्कूलों में शरण लेने को मजबूर हैं. ग्रामीणों के अनुसार, समशेरगंज के प्रतापगंज और लोहारपुर सहित कई इलाकों से सैकड़ों परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारों के यहां चले गये हैं.
करीब एक दर्जन घर गंगा में समाये
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समशेरगंज थाना क्षेत्र के लोहारपुर और प्रतापगंज इलाके में पिछले दिनों गंगा कटाव के कारण करीब एक दर्जन घर नदी में समा गये हैं, जबकि दर्जनों अन्य परिवारों ने अपने घर खाली कर दिये हैं.
विधायक ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुये समशेरगंज के विधायक नूर आलम ने समशेरगंज थाना प्रभारी कुणाल कांति दास, पंचायत प्रधान अब्दुल कादिर सहित अन्य लोगों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. विधायक नूर आलम ने बाढ़ और गंगा कटाव की स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं.
पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित
इस दौरान पीड़ित परिवारों के बीच राहत एवं खाद्य सामग्री भी वितरित की गयी. ग्रामीणों से बातचीत करते हुये विधायक नूर आलम ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
राज्य सरकार को स्थिति से कराया अवगत
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मौजूदा स्थिति से राज्य सरकार को अवगत कराया गया है. बाढ़ और गंगा कटाव से प्रभावित लोगों को जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा.
प्रशासन ने भी लिया स्थिति का जायजा
इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया.
