पाकुड़ के 18 पहाड़िया युवकों की मजदूरी बिचौलियों ने हड़पी, लगायी गुहार

पाकुड़ के 18 पहाड़िया युवकों की मजदूरी बिचौलियों ने हड़पी, लगायी गुहार

संवाददाता, दुमका. पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के 18 युवकों को हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण में मजदूरी करवा कर उनका पैसा मेठ के द्वारा हड़पने का मामला सामने आया है. ये सभी युवक अपने घर से वापसी के लिए रास्ते का खर्च मंगवाकर किसी तरह दुमका पहुंचे और यहां उन्होंने डीआईजी के नाम आवेदन देकर अपनी मजदूरी वापस दिलाने की मांग की है. पाकुड़ जिला के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के ये 18 युवक आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के हैं. ये पिछले वर्ष 2024 नवम्बर में दो मेठ कुदुस अंसारी और नज़रुल अंसारी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सड़क बनाने के काम में गए थे. इन्होंने बीआरओ के 108 आरसीसी में पांच महीने तक सड़क बनाया. सत्रह हजार रुपये प्रतिमाह इन्हें मजदूरी देने की बात कही गई थी. इस पांच माह के दौरान इन्हें एक भी रुपया नहीं दिया गया और इनका एटीएम कार्ड भी दोनों मेठों ने अपने पास रख लिया. कुछ दिन पूर्व जब काम समाप्त हो गया और इन्होंने अपनी मजदूरी की मांग की तो सीधे तौर पर उन्होंने रुपये देने से इनकार कर दिया. यहां तक कि इनके पास इतने रुपये भी नहीं थे कि हिमाचल प्रदेश से ये अपने घर आए. किराये के लिए रुपये जुगाड़ कर बुधवार को ये 18 मजदूर दुमका पहुंचे. यहां इन्होंने संताल परगना के डीआईजी के नाम एक पत्र लिखा, जिसमें अपनी सारी आपबीती का जिक्र करते हुए दोनों मेठों से अपनी मजदूरी दिलाने की मांग की. इन मजदूरों के तरफ से बबलू पहाड़िया और धर्मेंद्र पहाड़िया दोनों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश हम लोग सड़क निर्माण करने गए थे. सत्रह हजार रुपये मजदूरी प्रतिमाह तय हुई थी लेकिन हमें ले जाने वाले मेठों ने हमारी मजदूरी हड़प ली. इनका कहना है कि हम लोग जैसे तैसे दुमका तो पहुंच गए हैं, अभी इतना पैसा भी नहीं है कि अमड़ापाड़ा अपने घर जाएं. इन्होंने प्रशासन से अपने पसीने की कमाई दिलाने की मांग की है. ————————————————– हिमाचल प्रदेश में सड़क बनाने गये थे मजदूर घर से पैसे मंगवाकर किसी तरह से दुमका लौटे

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Published by: Anand jaswal

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