तालझारी शिक्षा को बढ़ावा देने और बालिकाओं को बेहतर भविष्य देने के उद्देश्य से संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, तालझारी आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित है. विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित पक्की सड़क नहीं होने के कारण छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात में स्थिति और गंभीर हो जाती है. पूरा रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है, जिससे विद्यालय पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है. इस समस्या को अभाविप के कार्यकर्ता व प्रदेश एसएफएस सह संयोजक गौरव कुमार सुमन ने उठाया है. विद्यालय का भवन और शैक्षणिक वातावरण तो बेहतर है, लेकिन पहुंच मार्ग की बदहाली बड़ी समस्या बनी हुई है. अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बारिश के समय छात्राओं को फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है. कई बार वाहन भी नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से अविलंब पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय तक सड़क बदहाल
कीचड़ व जलजमाव के बीच आवाजाही करते हैं छात्राएं व शिक्षक

साहिबगंज (फाइल फोटो)