प्रतिनिधि, तीनपहाड़ : उधवा प्रखंड का जोंका ग्राम कभी आदर्श ग्राम के नाम से जाना जाता था. लेकिन वर्तमान में स्थिति बदली नजर आ रही है. तीनपहाड़ से उधवा कम दूरी या कम समय में तय करना हो तो तीनपहाड़ से धुलियार गांव होते हुए जोंका होकर गुजरना पड़ेगा और उसी मुख्य सड़क मार्ग पर जोंका कार्तिक मंदिर से लेकर जोंका पंचायत भवन तक की सड़क पर सालों भर पानी भरा नजर आएगा. वैसे उक्त मार्ग से गुजरने वालों को तो दिक्कत होती ही है, लेकिन वहां रहने वाले स्थानीय लोगों का वर्तमान में हाल बेहाल है.
घर के सामने सड़क पर पोखर जैसा नजारा
घर के सामने मुख्य सड़क और उस सड़क पर सालों भर तालाब जैसा नजारा देखने को मिले तो आखिर में मन में कई प्रश्न लिए जीवन जीने को मजबूर होना पड़ेगा. इधर जोंका ग्राम के गौरव कुमार, शिशिर यादव, प्रकाश यादव, शिवशांत यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, ओमप्रकाश राय, गौतम राय आदि ने बताया कि हम लोगों का जीना दूभर हो गया है. जब भी घर से बाहर निकलो सामने मेन रोड पर पोखर जैसा माहौल देखने को मिलता है. ग्रामीणों ने बताया कि जब यह सड़क बनायी जा रही थी तो उस समय जमीन दोनों ओर से काफी ढलाई नुमा थी. अगर सड़क निर्माण के समय ही स्थल को समतल कर सड़क का निर्माण किया जाता तो स्थिति शायद आज कुछ और होती.
जलजमाव से बीमारियों का बना रहता है खतरा
ग्रामीण बताते हैं कि सालों भर इस मुख्य सड़क पर पानी जमा रहता है. सड़क निर्माण के बाद दोनों साइड बनाये गये नालों में अब गंदे मलबे भर चुके हैं, जिस वजह से पूरे गांव के घरों का गंदा पानी बह कर मेन रोड पर जमा हो जाता है. इस वजह से हमारे गांव-मोहल्ले के घरों में मक्खी-मच्छर की तादाद ज्यादा हो गयी है. जमाव से कई तरह की बीमारियों के भी फैलने का डर सताता रहता है. वैसे सबसे ज्यादा शिकार घरों के बुजुर्ग और बच्चे होते रहते हैं.
बरसात में घुटनों के ऊपर तक रहता है पानी
बरसात में स्थिति और भी भयानक हो जाती है. चुकी दोनों ओर पानी निकासी नहीं होने और नाला भरा होने की वजह से बरसात का पानी नजदीक बने कई घरों में भी प्रवेश कर जाता है. जिस कारण लोगों को और भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
दर्जनों बच्चों को रोजाना करना पड़ता है गुजरना
जोंका गांव से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर 200 मीटर तक हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है. जिस वजह से पास के ही सूतियारपाड़ा और जोंका गांव से दर्जनों छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए जोंका स्थित हाई स्कूल में पहुंचते हैं. चाहे पानी कितना ही ऊपर तक आए क्यों ना, इस वजह से कई बार बच्चों को छोटी-मोटी हादसे से भी गुजरना पड़ा है.
कई बार शिकायत, अब तक नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी को दी गयी, लेकिन इस समस्या को हल करने का बीड़ा अब तक किसी ने नहीं उठाया है.
