भारतीय संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृति है : प्रो पोद्दार

गायत्री शक्तिपीठ में मनाया गया गायत्री जयंती समारोह

साहिबगंज.भारतीय संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृति है. इस संस्कृति में मनुष्य की चेतना का विस्तार करते हुए आत्मिक चेतना के स्तर तक ले जाने की व्यवस्था है. गायत्री महामंत्र का लगातार पाठ करने पर हमारी आत्मिक चेतना का विस्तार होता है और मनुष्य में देवत्व का उदय होने लगता है. हमारे वैदिक ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख है कि गायत्री महामंत्र का जाप निश्चित फलदायी है. इसलिए हम सबों को विश्व मंत्र, वेद मंत्र, महामंत्र, गायत्री मंत्र का अवश्य पाठ करना चाहिए. साहिबगंज महाविद्यालय के रसायन विभाग के पूर्व विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ वकील पोद्दार ने अपने प्रवचन में ये बातें कही. दरअसल गुरुवार को शहर के चौधरी कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर धूमधाम से गायत्री जयंती समारोह मनाया गया. समारोह में प्रोफेसर पोद्दार ने गायत्री महामंत्र की महिमा का गुणगान किया. कार्यक्रम की शुरुआत शक्तिपीठ के पुरोहित रुद्र नारायण ने युग संगीत से किया. देव संस्कृति विश्वविद्यालय की छात्रा अदिति भारती एवं तोषण भारती ने वैदिक रीति से हवन यज्ञ कराया. मौके पर वीरेंद्र कुमार चौधरी, संजीत चौधरी, हरिहर प्रसाद मंडल, डॉ राधा मोहन, शिवशंकर निराला, निरंजन भारती, सरिता पोद्दार, करुणामयी भारती, संगीता कुमारी, किरण देवी आदि मौजूद थे.

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Published by: Abdhesh singh

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