प्रतिनिधि, बरहरवा : स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर फैल रही अफवाहों के बीच बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से बिना सत्यापन किसी भी जानकारी पर भरोसा नहीं करने की अपील की है. विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने से बिजली की दर या बिलिंग नीति में कोई बदलाव नहीं होता है.
वास्तविक खपत होगी दर्ज
विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल बरहरवा के सहायक अभियंता सत्यम कुमार मरांडी ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की वास्तविक बिजली खपत को दर्ज करता है. इससे मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने में होने वाली मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होती है. उन्होंने कहा कि केवल स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल में किसी प्रकार की अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होती है.
टैरिफ के अनुसार ही लागू होगी दर
एई ने बताया कि बिजली की दर विभाग द्वारा निर्धारित टैरिफ के अनुसार ही लागू होगी. साथ ही झारखंड में 200 यूनिट तक मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. स्मार्ट मीटर का उद्देश्य केवल बिजली की खपत की सटीक निगरानी और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना है. उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर नजर भी रख सकेंगे.
मैनुअल रीडिंग की समस्या होगी कम
उन्होंने बताया कि पुराने मीटरों में कई बार मैनुअल रीडिंग के कारण गलत रीडिंग दर्ज होने या औसत खपत के आधार पर बिल बनने की शिकायतें सामने आती थीं. स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वतः दर्ज होने से ऐसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है.
भ्रामक संदेशों से बचने की अपील
एई ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों से बचने की अपील की है.
