संताल परगना प्रमंडल में इस बार अच्छी बारिश होने के कारण किसानों के चेहरे पर खुशी है. क्योंकि, धनरोपनी बेहतर हुई है. धनरोपनी के बाद इस बार किसानों को उम्मीद है कि उनकी फसल बेहतर होगी. अगर मौसम ठीक-ठाक रहा तो उनके फसल भी सही तरीके से सही समय पर तैयार हो जायेंगे. संताल की भौगोलिक परिस्थिति कृषि उत्पाद धान के लिए अनुकूल है. यहां कमोबेश हर वर्ष मुख्य फसल धान की अच्छी पैदावार होती है. लेकिन, इस वर्ष मॉनसून किसानों पर मेहरबान रही है. अगर हम ओवरऑल सभी जिलों को मिलाकर देखें तो प्रमंडल के पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज और गोड्डा जिले में धान रोपनी पिछले वर्ष के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है. इस बार किसानों पर इंद्रदेव की कृपा रही है, इससे पूरे संताल परगना के अन्नदाता बहुत खुश हैं. अगर आनेवाले दिनों में मौसम फसल के अनुरूप रहा तो अच्छी फसल की उम्मीद है. बता दें कि संताल परगना के किसानों की मुख्य आजीविका कृषि है. इसलिए, मौसम की मार पड़ने पर अन्नदाता पर भी संकट मंडराने लगता है. इससे सीमांत किसान और खेतिहर मजदूर रोजी-रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर जाते हैं. वर्ष 2023 अन्नदाताओं के लिए मुश्किल भरा रहा था. क्योंकि, संताल परगना के खेतों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं रहने के कारण छोटे किसानों और खेतिहर मजदूरों को सुखाड़ से जूझना पड़ा था. वहीं, अब दो वर्ष बाद जब खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, तो किसान बेसब्री से उसके पकने का इंतजार कर रहे हैं. किसानों ने बताया कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से धान की बालियां निकलनी आरंभ हो जायेगी. दिसंबर तक फसल पक जायेगी.
किसानों के धान बेचने के लिए पंचायत स्तर पर हैं लैंप्स
झारखंड सरकार की ओर से किसानों की धान खरीद के लिए प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर लैंप्स बनाये गये हैं, जहां पर सरकारी दर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल पर किसान अपनी धान लैंप्स को बेचते हैं. यहां से लैंप्स के माध्यम से यह धान चावल मिल तक पहुंचता है, जिसकी मॉनिटरिंग प्रखंड स्तर के पदाधिकारी से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी करते हैं.
क्या कहते हैं क्षेत्र के किसान.
फोटो- 00, मुरारी महतो, किसान
इस बार अच्छी बारिश हुई है,इस कारण फसल अच्छी से लगी है. अगर मौसम ठीक रहा तो किसानों की मेहनत रंग लाएगी और धान की फसल अच्छी होगी.
मुरारी महतो
फोटो-00, गणेश महतो, किसान
धान रोपनी के बाद अभी तक फसल ठीक-ठाक है. उम्मीद है कि इस बार पैदावार काफी अधिक होगी और उसका हम लोगों का उचित दाम भी मिलेगा.
गणेश महतो
क्या कहते हैं पदाधिकारी………
इसस बार धनरोपनी अच्छी हुई है. अगर मौसम ठीक रहा तो फसल पकने पर काफी अच्छी पैदावार होगी. किसान भाइयों को काफी मदद मिलेगा. जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलायी जा रही है. हमलोग किसानों को इसका लाभ दिलवा रहे हैं. कृषि क्षेत्र में जिला को आगे बढ़ाना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है.
प्रमोद कुमार एक्का, डीएओ
जिलावार हुई धनरोपनी
जिला लक्ष्य धनरोपनी
दुमका 1,11,000 1,09,000
देवघर 52,000 51,771
जामताड़ा 52,000 50,000
गोड्डा 51,500 49,000
पाकुड़ 49,000 48,000
साहिबगंज 49,000 44,818
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