छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता, योजनाओं का दिलायें लाभ : डीसी
साहिबगंज.
समाहरणालय सभाकक्ष में डीसी दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, आत्मा के अधिकारी, बीटीएम/एटीएम, प्रखंड प्रभारी तथा संबंधित कर्मी उपस्थित रहे. बैठक के दौरान कृषि योजनाओं की प्रगति, लाभुक चयन, उर्वरक उपयोग, बीज वितरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, किसान क्रेडिट कार्ड, मिलेट मिशन और डिजिटल क्रॉप सर्वे सहित कई योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गयी. डीसी ने जिले में विशेष रूप से यूरिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए किसानों को संतुलित एवं अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि आईएफएमएस पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों का नियमित विश्लेषण कर जिले और प्रखंड स्तर पर उर्वरक उपयोग की निगरानी की जाए. साथ ही कालाबाजारी, अवैध भंडारण और उर्वरक डायवर्जन की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए. एटीएम और बीटीएम को विभागीय सूचना तंत्र के रूप में कार्य करते हुए उर्वरक दुकानों की निगरानी, लाभुक सूची सत्यापन और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत उपलब्ध कराने को कहा गया. एसडीओ, सीओ और अन्य अधिकारियों के समन्वय से उर्वरक कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया. बैठक में बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत मूंग और मक्का बीज वितरण की समीक्षा करते हुए डीसी ने कहा कि मुफ्त बीज और कृषि इनपुट का लाभ छोटे एवं सीमांत किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा विशेष रूप से पीवीटीजी समुदाय के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर मिले. उन्होंने वास्तविक जरूरतमंद किसानों के चयन पर जोर दिया. मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के अंतर्गत मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रवार कृषि रणनीति बनाने का निर्देश दिया गया. अम्लीय मिट्टी वाले क्षेत्रों में डोलोमाइट और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गयी. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली के विस्तार तथा किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई पंप वितरण में पात्र किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए. डीसी ने मिलेट मिशन के तहत रागी, ज्वार और बाजरा जैसी मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने, किसानों को समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया. उद्यान विभाग की अर्बन फार्मिंग और रूफटॉप गार्डनिंग योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने शहरी क्षेत्रों में घरेलू बागवानी को प्रोत्साहित करने, लाभुकों को समय पर सामग्री उपलब्ध कराने तथा बरबटी, अदरक और ओल जैसी सब्जियों के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिए. जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
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