प्रतिनिधि, फरक्का : झारखंड और बिहार से लगातार आ रहे बाढ़ के पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. गंगा के उफान पर आने से मुर्शिदाबाद जिले के कई प्रखंडों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में पानी घुसने से हजारों लोगों के बीच गंगा कटाव का डर सताने लगा है.
फसलों के बर्बाद होने की स्थिति
खेतों में पानी भर जाने से फसलों के बर्बाद होने की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बाढ़ और कटाव के कारण लोगों के सामने घर, जमीन और फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.
बीडीओ ने लिया बाढ़ की स्थिति का जायजा
स्थिति की सूचना मिलने के बाद फरक्का के बीडीओ संजय व्यापारी ने फरक्का प्रखंड के बेनियाग्राम, नयनसुख, अर्जुनपुर, महेशपुर समेत करीब आधा दर्जन गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली और स्थिति गंभीर होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था का भी जायजा लिया.
कटाव की आशंका से ग्रामीण चिंतित
इधर, शमशेरगंज प्रखंड से लेकर सूती और रघुनाथगंज के विभिन्न इलाकों में भी गंगा कटाव की आशंका को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घटेगा, वैसे-वैसे गंगा कटाव का खतरा बढ़ सकता है.
हर वर्ष सामने आती है कटाव की समस्या
क्षेत्र में हर वर्ष गंगा कटाव की समस्या सामने आती रही है, जिसके कारण लोगों को अपनी जमीन और घर खोने का डर बना रहता है. ग्रामीणों ने चिंता जताते हुये कहा कि आखिर उन्हें इस तरह की आपदा का सामना कब तक और कितनी बार करना पड़ेगा.
बाढ़ के बीच बगीचे में पहुंची नीलगाय, मचा हड़कंप
इसी बीच बाढ़ के पानी के बीच जिगरी गोपालनगर गांव के एक आम-लीची के घने बगीचे में नीलगाय मिलने से इलाके में खलबली मच गयी. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नीलगाय को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर ले गयी.
