मंगलहाट में बाढ़ का कहर, इंसानों के बाद अब बेजुबानों पर संकट, चारे के लिए जान जोखिम में डाल रहे पशुपालक

गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंगलहाट और आसपास के गांवों में बाढ़ आ गई है. फसलें और पशुओं का चारा नष्ट हो चुका है. पशुपालक जान जोखिम में डालकर टीन की नाव से चारा ला रहे हैं.

मंगलहाट : मंगलहाट और आसपास के गांवों में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. डेढ़गामा, टेकबथान और मलाहिटोला गांवों को बाढ़ का पानी धीरे-धीरे चारों ओर से घेर रहा है. निचले स्थल भी डूबने लगे हैं. क्षेत्र में लगी हजारों एकड़ फसल बर्बाद होने के साथ पशुओं का चारा भी नष्ट हो चुका है.

टीन की नाव से चारा लाने को मजबूर

बाढ़ के कारण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने वाले लोगों के सामने पशुओं के चारे का संकट बढ़ गया है. ऊंचे इलाकों से पशुओं के लिए चारा लाने के लिए पशुपालक डेकी यानी टीन की नाव का सहारा ले रहे हैं. बाढ़ के पानी में तैरते हुए जान जोखिम में डालकर चारा लाने के बावजूद पशुओं का पेट भरना मुश्किल हो रहा है.

चारे की कमी से पशुओं की सेहत पर असर

समुचित मात्रा में चारा नहीं मिलने से पशुओं की सेहत पर असर पड़ रहा है. दुधारू मवेशियों को पर्याप्त चारा और दाना-पानी नहीं मिलने से दूध देने में भी कमी आ रही है. पशुपालकों का कहना है कि चारा नहीं मिलने के कारण उन्हें ऊंचे दामों पर खरीदना पड़ रहा है. साथ ही मवेशियों के बीमार होने की आशंका भी बनी हुई है.

पशुपालकों ने बयां किया दर्द

डेढ़गामा गांव निवासी मंटू मंडल, अलका देवी, गोविंद मंडल, सुबोध मंडल, संजीव मंडल, प्रदीप मंडल, मंगरु मंडल, कलेश मंडल, रामप्रसाद मंडल, दुख मंडल, लोविन घोष, गोविंद घोष, काशी घोष और अशोक घोष ने बताया कि इंसान तो कहीं जाकर कुछ खा सकते हैं, लेकिन पशु सिर्फ अपने मालिकों पर निर्भर हैं. पशुपालक सुबह से चारे के इंतजाम में घर से निकलकर दूर-दूर सूखे इलाकों में जाते हैं और काफी मशक्कत के बाद थोड़ा बहुत चारा ही मिल पाता है.

जल्द चारा उपलब्ध कराने का आश्वासन

पशुपालकों का कहना है कि प्रशासनिक एवं विभागीय स्तर से अब तक मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है. परिवार की सुरक्षा के साथ मवेशियों के चारे की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया है. राजमहल एसडीओ सदानंद महतो ने बताया कि मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था बहुत जल्द की जाएगी.

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By दीप सिंह

दीप सिंह , 25 मार्च 2010 से प्रभात खबर से जुड़े हैं। रिपोर्टर के रूप में प्रभात खबर में कार्य शुरू किए। 2015 में राजमहल कार्यालय का मॉडेम प्रभारी बनाया गया। कई महत्वपूर्ण एक्सक्लूसिव, पड़ताल और जन समस्या की खबर पर बेहतर कार्य करने का मौका मिला। बीच के अंतराल में वर्ष 2018 से 5 अगस्त 2023 तक दैनिक हिंदुस्तान अखबार में राजमहल से कार्य किए। पुनः 12 अगस्त 2023 से अबतक वर्तमान में राजमहल मॉडेम कार्यालय के प्रभारी के रूप में कार्य कर रहा हूं। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक दोनों ही प्लेटफार्म पर बेहतर कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

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